परिवहन विभाग, परिवहन निगम व ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार सुबह शहर में 12 अवैध अड्डों से सवारी ढो रही डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाया।
इस दौरान 77 डग्गामार बस-ट्रैवलर को जब्त किया। वहीं 11 बसों का चालान भी हुआ है। अभियान के बाद अवैध अड्डों से डग्गामार बसें नहीं चल सकी। हालांकि, सवारियां इनका इंतजार करते देखी गईं।
अमर उजाला ने दो अगस्त को ‘राजधानी में 12 अवैध बस अड्डे, हटवाएगा कौन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पुलिस एवं परिवहन विभाग की सरपरस्ती में डग्गामारी की पोल खोली थी।
इसके बाद बुधवार को पुलिस व परिवहन विभाग के अफसरों ने पॉलीटेक्निक चौराहा से कमता तक, अवध हॉस्पिटल चौराहा से आगरा एक्सप्रेस वे तक, डालीगंज, सफेद बारादरी सहित सभी अवैध बस अड्डों पर पहुंच कर कार्रवाई की।
इस दौरान कई बस चालक टीम देखकर बस लेकर भाग निकले। ट्रैफिक पुलिस ने पॉलीटेक्निक चौराहा से कमता तक से 60 डग्गामार बस व ट्रैवलर जब्त किया।
ये गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या, अंबेडकरनगर, टांडा आदि की सवारियां ढो रहे थे। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर निर्मल कुमार ने बताया कि परिवहन विभाग, परिवहन निगम के संयुक्त दस्ते ने 17 बसें जब्त की, वहीं 11 का चालान किया। यह अभियान जारी रहेगा।
क्षमता 60 की, सवारी 110
चारबाग डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय ने बताया कि आगरा एक्सप्रेस वे पर तीन डग्गामार बसों को पकड़ा। इनकी क्षमता 60 सीटोें की थी, लेकिन सवारियां 110 के करीब बैठा रखी थीं। इन बसों को जब्त कर पीजीआई पुलिस के हवाले किया गया। इनके यात्रियों को रोडवेज बसों से रवाना किया गया।
अवैध बस अड्डे हटाने की जिम्मेदारी डीएम की
अमर उजाला की खबर ‘राजधानी में 12 अवैध बस अड्डे, हटवाएगा कौन’ पर परिवहन विभाग ने उच्च अफसरों को जवाब दिया कि अवैध बस अड्डों को हटवाने की जिम्मेदारी डीएम की है। प्रवर्तन इकाई से मांगी गई रिपोर्ट के जवाब में कहा गया कि केंद्रीय मोटरयान नियमावली-1989 एवं केंद्रीय मोटरयान अधिनियम-1989 की धारा-117 मेें राज्य सरकार या राज्य सरकार के द्वारा निमित्त प्राधिकृत अधिकारी को इस बाबत अधिकार दिए गए हैं।