यूपी बोर्ड की परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए इस बार परिषद फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। परीक्षा केंद्र बनाने का मामला हो या फिर केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती का।
इसके लिए पूरी तरह एहतियात बरती जा रही है। केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक बनाने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्र व्यवस्थापक पर ही परीक्षा का पूरा दारोमदार होता है।
पिछली बोर्ड परीक्षा में जरा सी भी गड़बड़ी करने वालों को केंद्र व्यवस्थापक नहीं बनाया जा रहा है। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय ने 726 केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा प्रक्रिया से अलग रखने का आदेश दिया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 3 मार्च से शुरू हो रही हैं। प्रदेश के 10,500 केंद्रों पर 71,20,265 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए पूरे एहतियात बरते जा रहे हैं। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिलों से पिछले साल की परीक्षा में लगाए गए केंद्र व्यवस्थापकों की सूची मांगी थी।
इसमें उनकी कार्य प्रणाली के बारे में भी पूछा गया था। परिषद को जिलेवार मिली सूचना के मुताबिक जो भी दागी केंद्र व्यवस्थापक थे उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षकों को गए आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि चिह्नित किए गए प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्था कतई न बनाया जाए।