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64 हजार शिक्षा मित्रों को करना पड़ सकता है इंतजार

Sun, 12 Oct 2014 10:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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दूसरे चरण में दूरस्थ शिक्षा से बीटीसी प्रशिक्षण ले रहे 64 हजार शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित होने के लिए अभी कम से कम चार माह इंतजार करना होगा।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी दूसरे चरण के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा दिसंबर में कराने पर विचार कर रहा है।

राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में लगे 1.70 लाख शिक्षा मित्रों को दूरस्थ शिक्षा से बीटीसी का प्रशिक्षण देकर समायोजित करने का फैसला किया है।

पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण देकर समायोजित किया जा चुका है। दूसरे चरण में 64,000 और तीसरे चरण में 46,000 शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

दूसरे चरण के शिक्षा मित्रों के चौथे यानी आखिरी सेमेस्टर की परीक्षा नियमत: सितंबर में ही हो जानी चाहिए थी। इसके आधार पर इन्हें दिसंबर 2014 में समायोजित किए जाने का आदेश जारी किया गया था।
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शिक्षा मित्र संघ बैठा धरने पर

प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षा मित्रों के परीक्षा कराने की जिम्मेदारी परीक्षा नियामक प्राधिकारी के पास है, लेकिन अभी तक परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने इसके विरोध में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया है।

संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह कहते हैं कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया है कि 16 व 17 दिसंबर को परीक्षा कराने पर विचार किया जा रहा है।

हालांकि शिक्षा मित्र संघ इसके लिए तैयार नहीं है। संघ का कहना है कि यदि परीक्षा दिसंबर में हुई तो समायोजन चार माह लेट हो जाएगा। इसलिए इसे अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में कराने संबंधी आदेश तत्काल जारी हो।

इन शिक्षा मित्रों को गत दो माह से मानदेय नहीं मिला है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता से मांग की है कि शिक्षा मित्रों को तत्काल मानदेय दिलाया जाए।

इसके अलावा सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हो चुके शिक्षा मित्रों की सेवा पुस्तिका बनाते हुए वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाए।
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