फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्कृष्ट कार्यों के लिए चार महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। सामाजिक सरोकारों में महत्वपूर्ण भूमिका व प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को गति देकर उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की तीन महिला ग्राम प्रधानों व एक छात्रा को गुरुवार को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लखनऊ के लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सभी को प्रशस्ति पत्र व एक लाख रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार योजना संचालित है। प्रदेश सरकार की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को रानी लक्ष्मी पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूरे प्रदेश से 98 महिलाओं को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए लोगों को जागरूक करने का काम करने वाली पंडरीकृपाल ब्लॉक की महिला ग्राम प्रधान शकरुन, बभनजोत ब्लॉक के ढोढ़हूपुर गांव की ग्राम प्रधान पुष्पा देवी, रुपईडीह ब्लॉक के विशुनपुर बेलभरिया की ग्राम प्रधान तबस्सुम बानो समेत जिले में स्वच्छता मुहिम की ब्रांड एंबेसडर फूलकुमारी उर्फ जूली पांडेय का भी चयन किया गया था। गुरुवार को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन सभी महिलाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी को प्रशस्ति पत्र व एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया। पुरस्कार पाने वाली महिलाओं को जिलाधिकारी जेबी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल, जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर, जिला प्रोबेशन अधिकारी जगदीप सिंह समेत अन्य अफसरों ने बधाई दी है।

पुरस्कार से बढ़ेगा हौसला
धानेपुर थाना क्षेत्र के रुद्रगढ़ नौसी गांव के मजरे पंडितपुरवा की रहने वाली फूलकुमारी उर्फ जूली पांडेय तीन साल से जल संरक्षण को लेकर अभियान का संचालन कर रही है। लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा जूली स्वच्छ भारत अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी है। अपने गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में वह लोगों को खुले में शौच जाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रही है। गांव में करीब 40 घरों में शौचालय का निर्माण करा चुकी हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री के हाथ से रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार पाने वाली फूलकुमारी उर्फ जूली पांडेय के चेहरा चमक रहा था। जूली ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथ से सम्मान पाना उसके जीवन के सबसे बेहतरीन क्षण था। इस पुरस्कार से सामाजिक कार्यों को आगे ले जाने में उसका हौसला और बढ़ गया है।
विज्ञापन


महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
बभनजोत की महिला ग्राम प्रधान पुष्पा सिंह पंद्रह वर्षों से गांव की प्रधान हैं। महिला सशक्तीकरण के लिए वह स्वयं सहायता समूह का संचालन कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह के जरिए अगरबत्ती का उद्योग लगाकर वह करीब 30 महिलाओं को रोजगार से जोड़ चुकी हैं। चार साल पहले उन्होंने गांव की एक विधवा महिला का विवाह भी कराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत वह अपने गांव में करीब तीन सौ घरों में शौचालय का निर्माण करा चुकी हैं। रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार लेकर लौटी पुष्पा सिंह ने बताया कि अब महिलाएं अपने घरों की ड्योढ़ी से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। महिला सशक्तीकरण के लिए उनका यह अभियान जारी रहेगा।

शौचालय निर्माण को लेकर कर रहीं जागरूक
रुपईडीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत विसुनपुर बेलभरिया की महिला ग्राम प्रधान तबस्सुम बानो स्वच्छ भारत मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। पहली बार ग्राम प्रधान बनी तबस्सुम बानो अब तक अपने गांव में सौ से अधिक परिवारों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित कर चुकी हैं। रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार पाने के बाद उन्हंोने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की और स्वच्छ भारत मिशन की सराहना की।

स्वच्छता मिशन में सक्रिय भूमिका ने दिलाया पुरस्कार
पंडरीकृपाल ब्लॉक के तारी परसोहिया ग्राम पंचायत की महिला ग्राम प्रधान शकरून को स्वच्छ भारत मिशन में उनकी सक्रिय भागीदारी ने रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार दिलाया। शकरुन अपने ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के लिए लोगों को जागरुक कर रही हैं। शकरुन का कहना है कि शौचालय न होने से महिलाओं को खुले में शौच जाकर शर्मिंदगी उठानी पड़ती थी। सरकार के इस अभियान ने उन्हें प्रेरित किया और उन्होंने अपने गांव की महिलाओं को शौचालय निर्माण के लिए समझाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें