अंबेडकरनगर। जिले के लगभग साढ़े तीन लाख गेहूं किसानों के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 110 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1735 रुपये कर दिया है। बीते वर्ष समर्थन मूल्य 1625 रुपये प्रति क्विंटल था। एक अप्रैल से शुरू हो रही गेहूं खरीद में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पांच एजेंसियों के कुल 66 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। उधर, गेहूं खरीद शुरू होने में मात्र 11 दिन शेष रह गए हैं, लेकिन अब तक जिले को लक्ष्य नहीं मिल सका है।
लगातार बढ़ रही महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 110 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का निर्णय लिया है। गत वर्ष समर्थन मूल्य 1625 रुपये प्रति क्विंटल था। 110 रुपये बढ़ने के साथ ही इस बार समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल होगा। इसका सीधा लाभ जिले के लगभग साढ़े तीन लाख गेहूं किसानों को मिलेगा। गौरतलब है कि जिले को गेहूं की उपज के लिए प्रदेश में अग्रणी जिले में माना जाता है। उधर, एक अप्रैल से शुरू हो रही गेहूं खरीद को लेकर खाद्य एवं विपणन विभाग ने भी आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं। किसानों को गेहूं की बिक्री करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए पांच एजेंसियों खाद्य विभाग, पीसीएफ, भारतीय खाद्य निगम, कर्मचारी कल्याण निगम व एफसीआई के कुल 66 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। हालांकि अभी तक एजेंसियों के केंद्रों का निर्धारण नहीं किया जा सका है।
और तो और गेहूं खरीद शुरू होने में मात्र 11 दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन अब तक जिले को लक्ष्य नहीं मिल सका है। ऐसे में एक अप्रैल से किस प्रकार सुचारु ढंग से गेहूं खरीद का कार्य समय पर शुरू किया जा सकेगा। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। बताते चलें कि गत वर्ष छह एजेंसियों के 84 केंद्रों पर गेहूं खरीद का कार्य हुआ था। तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद निर्धारित लक्ष्य 94 हजार 500 मीट्रिक टन के सापेक्ष मात्र 43913.82 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी थी, जो कि लक्ष्य का लगभग 46 प्रतिशत था।
वर्जन
एक अप्रैल से सुचारु तरीके से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का कार्य प्रारंभ किया जा सके, इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। अभी जिले को लक्ष्य नहीं मिला है। इसके शीघ्र ही मिलने की संभावना है।
- अंशूमाली शंकर, खाद्य एवं विपणन अधिकारी