रायबरेली। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने बृहस्पतिवार से हड़ताल शुरू कर दी। इससे सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई। सफाई कर्मियों ने जलकल विभाग परिसर और नगर पालिका कार्यालय में प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि उनकी समस्याएं पूरी करने में अनदेखी की जा रही है। सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर के 34 वार्डों में कूड़े के ढेर लग गए। इससे नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश वाल्मीकि, जिला महासचिव संजय कुमार मौर्य, मंडल अध्यक्ष पूर्वी अवध प्रांत शिवशंकर लाल वाल्मीकि की अगुवाई में सफाई कर्मियों ने कैनाल रोड स्थित जलकल विभाग परिसर में धरना देते हुए हड़ताल शुरू कर दी।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों का समय से भुगतान नहीं किया जाता है। उनकी समस्या तक नहीं सुनी जाती। लिपिक की ज्यादती के कारण उनके साथ ज्यादती की जाती है। धरने के बाद कर्मचारियों ने सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पालिकाध्यक्ष से मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिले।
इसके बाद सफाई कर्मचारी फिर जलकल परिसर में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। सफाई कर्मियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। जिला अस्पताल, बस स्टेशन, सिविल लाइंस, नेहरू नगर, इंदिरा नगर समेत अन्य वार्डों मेंं कूड़े के ढेर लगे रहे। सफाई कर्मियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल चलती रहेगी। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि सफाई कर्मियों को समझानेे का प्रयास किया जा रहा है।
इन समस्याओं का हो निस्तारण
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित-संविदा कर्मचारियों के साथ एक से पांच तारीख के अंदर भुगतान, नियमित सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को शैक्षिक योग्यता के अनुसार पदोन्नति किए जाने, एरियर व बोनस का भुगतान दीवाली से पहले किए जाने समेत अन्य उनकी मांगें हैं, जिसे पूरा नहीं किया जा रहा है।
व्यापारियों को लगानी पड़ी झाड़ू
सफाई कर्मियों के हड़ताल पर होने से व्यापारियों को खासी दिक्कत का सामना पड़ा। कूड़ा करकट एकत्र कर दुकान के बाहर से अलग करने में व्यापारी सुबह से लगे रहे। दुकान खोलने से पहले झाड़ू लेकर कूड़ा हटाया गया। सुपर मार्केट, नई बाजार, छोटी बाजार में व्यापारी कूड़ा करकट फैला होने से पूरे दिन परेशान रहे।