बच्चों की जरूरत के हिसाब से फाउंडेशन लर्निंग (आधार शिला) सामग्री विकसित किया गया है। जो आरंभिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 3) के भाषा और गणित में प्रत्येक लर्निंग आउटकम को प्राप्त करने में सहयोगी होगा। नवंबर माह में शिक्षण सामग्री फाउंडेशन लर्निंग (आधारशिला), रेमीडियल टीचिंग (ध्यानाकर्षण), एवं शिक्षण संग्रह (कम्पेन्डियम) मॉड्यूल का विमोचन किया जाएगा। तथा उपर्युक्त सामग्री डिजिटल रूप से उलपब्ध कराई जाएगी।
कक्षा 1 से 8 तक ऐसे भाषा एवं गणित में प्रत्येक लर्निंग आउटकम के सापेक्ष प्रगति में पिछड़ गए हैं उन्हें सीखने की मुख्य धारा में लाने के लिए रेमीडियल टीचिंग (ध्यानाकर्षण) के अंतर्गत शिक्षकों के प्रति प्रशिक्षण के उपरांत बच्चों को दक्ष बनाने के लिए मॉड्यूल तैयार किया गया है। शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरणा शिक्षण संग्रह तैयार किया गया है जिससे शिक्षण योजना के नमूने व शिक्षकों की संख्या में अनुसार समय सारिणी व अन्य शैक्षिक तकनीकि आदि शामिल हैं।
186 स्टेट रिसोर्स ग्रुप का हो चुका है प्रशिक्षण
राज्य स्तर पर 186 स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) के सदस्यों का सपोर्टिव सुपरविजन पर चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है। यह प्रशिक्षण एसआरजी द्वारा जनपद में चयनित 5280 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का प्रशिक्षण किया जाएगा। एक एकेडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा प्रतिमाह 30 विद्यालयों का सपोर्टिव सुपरविजन किया जाएगा।
इस प्रकार प्रतिमाह एक विकास खंड में कुल 180 विद्यालयों में जाकर सपोर्टिव सुपरविजन का कार्य किया जाएगा। इस प्रकार पूरे प्रदेश में प्रतिमाह 158400 विद्यालयों का सपोर्टिव सुपविजन संपन्न होगा। तीनों मॉड्यूल को विद्यालयों में लागू कराया जाएगा।