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Raebareli: रायबरेली में 52 हजार जन्म प्रमाणपत्र फर्जी, एक दिन में 500 से ज्यादा फर्जी दस्तावेज बनाए गए

Sat, 14 Dec 2024 11:24 PM IST
ishwar ashish मनोज ओझा, अमर उजाला, रायबरेली

सार

फर्जी प्रमाणपत्र मामले में आरोपी वीडीओ की आईडी-पासवर्ड से फर्जीवाड़ा किया गया है। मामले की जांच यूपी एटीएस और एनआईए कर रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायबरेली के सलोन ब्लॉक में जन्म प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद पूरे जिले में शुरू की गई जांच पूरी हो गई है। 11 गांवों में कुल 52,594 प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके मो. जीशान ने पूरा खेल किया है। पड़ताल में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल व पंजाब तक के लोगों के प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। बांग्लादेशी युवक सलोन में बने जन्म प्रमाणपत्र के साथ पकड़ा जा चुका है। अभी यूपी एटीएस और एनआईए भी जांच कर रही है।
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18 जुलाई 2024 को सलोन में जन्म प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। यूपी आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ पुलिस रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने सलोन पहुंचकर जांच की। इसके बाद ऊंचाहार क्षेत्र के कोटरा बहादुरपुर निवासी आरोपी वीडीओ विजय सिंह यादव, सलोन निवासी मुख्य आरोपी मो. जीशान, रियाज और सुहेल खान को गिरफ्तार किया गया।

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फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद विजय सिंह यादव की पूर्व तैनाती वाले गांवों नुरुद्दीनपुर, गढ़ी इस्लाम नगर, लहुरेपुर, सिरसिरा, गोपालपुर की जांच गई। वहां 19,184 प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे। इसके बाद सांडा सैदन, माधौपुर निनैया, औनानीश, पृथ्वीपुर, पाल्हीपुर और दुबहन में प्रमाणपत्रों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई। यहां भी 33,593 ऑनलाइन जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए, जिनमें मात्र 183 ही सही मिले। 33,410 प्रमाणपत्र फर्जी मिले।

जुलाई 2022 से अक्तूबर 23 के बीच हुआ खेल
आरोपी वीडीओ विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड से मात्र छह गांवों में 15 माह में 33 हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बना दिए गए। पूरा खेल जुलाई 2022 से अक्तूबर 2023 के बीच हुआ। ऐसे में स्पष्ट है कि एक दिन में एक साथ कई कंप्यूटरों पर आईडी का प्रयोग किया गया।

एक दिन में 500 से 1000 तक प्रमाणपत्र बनाए
सलोन ब्लॉक के गांवों में एक दिन में जालसाजों ने 500 से लेकर 1000 तक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए। एक कंप्यूटर से 24 घंटे में अधिक से अधिक 100 प्रमाणपत्र ही बनाए जा सकते हैं। एक ही आईडी और पासवर्ड से एक दिन में इतने अधिक प्रमाणपत्र बनाने में एक साथ देश के कई प्रदेशों में साजिश को अंजाम दिया गया। मामले की जांच यूपी एटीएस और एनआईए भी कर रही है।
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कहां कितने मिले फर्जी प्रमाणपत्र
ग्राम पंचायत फर्जी प्रमाणपत्र
पाल्हीपुर 13707
नुरुद्दीनपुर   10151
पृथ्वीपुर  9393
सांडा सैदन  4897
माधौपुर निनैया 3746
लहुरेपुर  3780
सिरसिरा 2773
गढ़ी इस्लामनगर 2255
औनानीश  1665
गोपालपुर उर्फ अनंतपुर 225
दुबहन  02
कुल   52594

निरस्त होंगे सभी फर्जी प्रमाणपत्र
उप निदेशक पंचायती राज लखनऊ सास्वत आनंद सिंह का कहना है कि सलोन ब्लॉक में मिले फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त किया जाएगा। डीपीआरओ को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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