हरदी (बहराइच)। बुखार से पीड़ित एक बालिका को शनिवार सुबह परिवारीजन एक बंगाली झोलाछाप की क्लीनिक पर लेकर पहुंचे। वहां झोलाछाप के कंपाउंडर ने बालिका को इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन लगते ही बालिका की मौत हो गई। इससे कोहराम मच गया। लोगों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू की है। एसओ ने कहा कि केस दर्ज कर लिया गया है। कंपाउंडर को हिरासत में लिया गया है।
हरदी थाना अंतर्गत मोहरवा बहोरिक गांव निवासी आंचल उर्फ सौम्या त्रिवेदी (12) पुत्री पंकज कुमार को शनिवार सुबह बुखार की शिकायत हुई।
इस पर परिवारीजन आंचल को लेकर हरदी थाना अंतर्गत महाराजगंज कस्बे पहुंचे। वहां बंगाली चिकित्सक डॉ. पीके विश्वास के क्लीनिक पर जब परिवारीजन बालिका के साथ पहुंचे तो क्लीनिक पर मौजूद कंपाउडर ने बिना इंजेक्शन लगाए बच्ची के ठीक न होने की बात कही।
पिता पंकज का कहना है कि बालिका इंजेक्शन से डर रही थी। फिर भी उसके स्वास्थ्य को लेकर इंजेक्शन लगाने की हामी भर दी गई। जैसे ही इंजेक्शन लगाया गया, बालिका को एक हिचकी आई और उसने दम तोड़ दिया।
इस पर कंपाउंडर मौके से भागने लगा तो लोगों ने पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। अफरातफरी की स्थिति बन गई।
सूचना पाकर थानाध्यक्ष दिनेश सिंह विष्ट मौके पर पहुंचे। एसओ का कहना है कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौके पर मिले इंजेक्शन व अन्य उपकरणों को सीज कर दिया गया है।
अब तक हो चुकी हैं पांच मौतें
महाराजगंज कस्बे के लोगों ने बताया कि बंगाली चिकित्सक की क्लीनिक पर गलत इलाज के कारण जनवरी से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन कार्रवाई शून्य रही है।
डिप्टी सीएमओ करेंगे जांच
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण पांडेय का कहना है कि गलत इलाज से बालिका के मौत की सूचना मिली है। डिप्टी सीएमओ से मामले की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। दोषी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
पुलिस को नहीं दिखा सका डिग्री
हरदी थाने के प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह विष्ट ने मौके पर जांच की तो क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. प्रवीण कुमार विश्वास ने डिग्री होने की बात कही। उसे दोपहर तक का समय दिया गया, लेकिन वह डिग्री नहीं दिखा सका।