मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने वर्ष 2021 से 2024 तक के लिए चयनित कला जगत के 51 सितारों को अकादमी सम्मान से विभूषित किया। इन्हें संगीत, नृत्य, नाटक और लोककला के क्षेत्र में उनकी अनवरत साधना और अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे।
राजधानी लखनऊ में कला सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान का एक सशक्त साधन है। कलाकार हमारी सांस्कृतिक विरासत के सच्चे संरक्षक हैं, जिनकी साधना से हमारी परंपराएं जीवंत बनी हुई हैं।
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लोक-संस्कृति हमारी पहचान की जीवंत धारा है, इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना सबसे अधिक जरूरी है। ये बातें शुक्रवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहीं। मौका था उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अकादमी सम्मान समारोह-2026 का।
उपमुख्यमंत्री ने पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी से एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा लगाने की भी अपील की। राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह, संस्कृति विभाग के विशेष सचिव संजय कुमार सिंह और निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर सहित कला जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं।
लखनऊ के इन कलाकारों को मिला ये सम्मान
1 अकादमी पुरस्कार 2021-जगमोहन रावत (रंगमंच तकनीकी-प्रकाश)
2 अकादमी पुरस्कार 2022- पं अनुज मिश्रा (कथक नृत्य)3 अकादमी पुरस्कार 2022-शशिकांत पाठक (पखावज वादन)
4 अकादमी पुरस्कार 2022-सुनील पावगी (गिटार वादन)
5 अकादमी पुरस्कार 2022- मोहन लाल कुंवर (बांसुरी वादन)
6 अकादमी पुरस्कार 2022- मंजू कौशल (रंगमंच अभिनय)
7अकादमी पुरस्कार 2022- मेराज आलम (रंगमंच-तकनीक-कठपुतली)
8 अकादमी पुरस्कार 2023- डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव (कथक नृत्य)
9 अकादमी पुरस्कार 2023- संजय श्रीराम देगलुरकर (रंगमंच-अभिनय)
10 अकादमी पुरस्कार 2023- उमा त्रिगुणायत (लेखन-संगीत एवं नृत्य)
11 अकादमी पुरस्कार 2024- मुक्ता चटर्जी (सुगम गायन)
12 अकादमी पुरस्कार 2024- रविकान्त शुक्ला ''शिब्बू'' (रंगमंच-अभिनय)