पहले रोजाना लगभग 300 डग्गामार बसों का आवागमन होता था। मगर ट्रेनों का पर्याप्त संचालन न होने के कारण इन बसों की संख्या बढ़कर 500 हो चुकी हैं। इन बसों में सफर करने वाले ज्यादातर श्रमिक और उनके परिजन ही हैं।
परिवहन विभाग लखनऊ जोन के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर निर्मल कुमार का कहना है कि बाराबंकी में हुई दुर्घटना से सबक लेकर दूसरे राज्यों की डग्गामार बसों के खिलाफ बुधवार से प्रभावी कार्रवाई शुरू किया गया है। हफ्तेभर में डग्गामार बसों के संचालन पर अंकुश दिखेगा
बाराबंकी में दुर्घटनाग्रस्त बस का 32 बार हो चुका है चालान
बाराबंकी में मंगलवार रात हादसे का शिकार हुई अवैध रूप से अंतरराज्यीय सवारियों को ढोने वाली डग्गामार बस (यूपी 22टी 7918) पर चार साल में 32 बार चालान करके जुर्माना ठोंका जा चुका है। बस मालिक अब तक सवा लाख रुपये जुर्माना भर चुका है। वर्तमान में इस बस के मालिक राजेश कुमार है। जबकि पहले भगत सिंह थे।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर लखनऊ जोन निर्मल कुमार ने बताया कि पहली बार 27 जुलाई 2017 को और अंतिम बार 4 जुलाई 2021 को अवैध रूप से सवारी ढोने पर चालान हुआ था। बस मालिक ने चार जुलाई को चालान में हुए 27,500 रुपये का जुर्माना अब तक नहीं भरा है। कुमार ने बताया कि उनके नेतृत्व में इस मामले की जांच जा रही है।