इस्राइल में हो रहे हमले और लोग बंकर में छिपने को मजबूर।
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इस समय इस्राइल की राजधानी तेल अवीव में हैं। यहां की स्थिति भयावह हो चुकी है। भारतीय समयनुसार, रविवार सुबह 7:30 बजे से लगातार हमले हो रहे हैं। यहां बीते एक घंटे के अंदर 50 अधिक मिसाइलें दागी गईं। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब जान बचा पाना मुश्किल है। बस किसी तरह वतन वापसी हो जाए। वतन में भले ही भूखे रह लेंगे लेकिन, इस्राइल वापस नहीं आएंगे। लखनऊ के दीपक कुमार ने अमर उजाला से हुई बातचीत में दबे मन से अपनी आपबीती सुनाईं।
दीपक ने बताया कि बंकर में रहते-रहते सुबह से शाम हो जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि मानों इस्राइली के साथ भारतीय श्रमिकों को किसी जेल में बंद कर दिया गया है। एक- एक बंकर में 100 से अधिक लोग रहे हैं। ज्यादातर दुकानें बंद रहती है। अब तो राशन व खाने की सामग्री भी आसानी से नहीं मिलती है। भारतीय दूतावास से यही अपील है कि किसी तरह हम सभी को वापस वतन भेजने में मदद करें।
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श्रमिकों ने कहा, अमेरिका के हमले से युद्ध भयावह
श्रमिकों ने बताया कि अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। उधर चीन ईरान की मदद कर रहा है। दो देशों की बीच की लड़ाई धीरे- धीरे अन्य देशों के बीच बढ़ रही है। यहां बीते दिनों जिस तरीके से हमले हुए हैं उससे नहीं लग रहा है यह युद्ध इतनी जल्दी खत्म होगा। यहां से किसी तरह भारत वापस हो जाएं।
इस्राइल ने भारतीय श्रमिकों का वीजा निरस्त करने का दिया आदेश
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के अनुसार, जो लोग इस्राइल से पिछले महीने भारत आए थे अब उन्हें दोबारा वीजा मिलना मुश्किल है। यही नहीं पहले से तय इस्राइल वीजा को भी निरस्त कर दिया गया है। इस्राइल में सेवा दे रहे लखनऊ निवासी अजय कुमार ने बताया कि भारतीय दूतावास की ओर से वतन वापसी के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस्राइल ने भी भारतीय श्रमिकों के लिए आदेश जारी किया है। जो लोग भारत वापस जाना चाहते हैं उनकी वीजा निरस्त कर किया जाएगा। ऐसी स्थिति में भारतीय चाहकर भी इस्राइल नहीं जा सकेंगे।