एससीएसटी का फर्जी केस करने वाले को पांच साल की कैद
लखनऊ। पैसे के लेनदेन के विवाद में विरोधियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट का फर्जी केस कराने वाले रमेश रावत को एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने पांच साल की कैद और 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई।
आदेश की प्रति पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को भेजते हुए कहा कि सुनिश्चित करें कि यदि रमेश को केस दर्ज करने के लिए राहत राशि दी गई है, तो तत्काल उसे वापस लिया जाए। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि रमेश का अरुण, इरफान अली, मो. जिशान व रिजवान से लेनदेन था।
मामले में विवाद होने पर रमेश ने अनुसूचित जाति का फायदा उठाने के लिए चारों के खिलाफ 2022 में चिनहट थाने में एससी-एसटी एक्ट के साथ ही मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।