शासन ने शुक्रवार को 45 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। एक पीसीएस अधिकारी का पूर्व में किया गया तबादला निरस्त कर दिया गया है।
स्थानांतरित अफसरों में 25 वरिष्ठ पीसीएस तथा 20 एसडीएम हैं। गाजियाबाद के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जमीर आलम का इसी पद पर रामपुर किया गया स्थानांतरण रद्द कर दिया गया है। कई जिलों में नए सीडीओ तथा एडीएम की तैनाती की गई है।
अमरोहा के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) रणविजय सिंह को लखनऊ विकास प्राधिकरण का संयुक्त सचिव बनाया है जबकि डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि के कुलसचिव शिव प्रसाद को लखनऊ में एडीएम (भूमि अध्याप्ति) के पद पर स्थानांतरित किया है।
सूचना विभाग के अपर निदेशक अनिल कुमार को पीसीडीएफ के जीएम तथा गोंडा के सीडीओ मुन्नी लाल पांडेय को लखनऊ में युवा कल्याण महानिदेशालय में संयुक्त निदेशक पद पर तैनाती दी गई है।
अब तक 150 से भी ज्यादा तबादले
पिछले करीब एक महीने में 150 से भी ज्यादा अफसरों को इधर-उधर कर चुकी यूपी सरकार ने गुरुवार को भी 35 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया था।
यूपी सरकार की ओर से जारी की गई ट्रांसफर लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल थे, तो कई अफसरों को सरकार ने अहम जिम्मेदारी सौंप दी।
इनमें लखनऊ मेट्रो के पदेन प्रबंध निदेशक और आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव राजीव अग्रवाल को अखिलेश ने गृह विभाग के सचिव की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी।
बुधवार को 29 डिप्टी एसपी के तबादले
इसके इतर, बुधवार को पुलिस विभाग में एक फेरबदल के तहत 29 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले कर दिए हैं। जिनकी लिस्ट बुधवार देर रात जारी की गई। इनके स्थानांतरण की सूची बुधवार देर रात जारी की गई।
इस सूची में दो डिप्टी एसपी के पूर्व में हुए तबादलों को निरस्त किए जाने के आदेश भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में खराब कानून-व्यवस्था पर विपक्षी दल सरकार को घेर रहे हैं। इसलिए प्रदेश सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर संजीदा है।
वहीं प्रदेश में चल रहे विधानमंडल सत्र में भी विपक्षी दल कानून-व्यवस्था पर सत्तापक्ष से सवाल कर रहे हैं जिसका संतोषजनक जवाब अखिलेश सरकार नहीं दे सकी है।