प्रतिबंधित दवाओं के 45 डिब्बे, 80 इंजेक्शन बरामद
राजधानी में जानलेवा दवाएं खपा रहा था मेरठ का कारोबारी
एफएसडीए ने सील की आठ लाख की दवाएं, आरोपी गिरफ्तार
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की टीम ने मेरठ के कारोबारी की कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित पौरुष शक्तिवर्धक दवाएं बरामद की हैं। ये दवाएं प्रतिबंधित हैं। इनकी कीमत करीब 7.83 लाख रुपये बताई जा रही है। दवाएं सील करने के बाद कार सीज कर दी गई है। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपना परिचय मेरठ जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के शाहपीर निवासी अफसर अहमद बताया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम को सूचना मिली थी कि राजधानी में कुछ लोग अवैध तरीके से प्रतिबंधित पौरुष शक्तिवर्धक दवाएं बेच रहे हैं। ये आसपास के दूसरे जिलों को भी आपूर्ति कर रहे हैं। सोमवार को एफएसडीए और पुलिस ने संयुक्त रूप से हैदरगंज चौराहे पर जाल बिछाया। इस दौरान दवा बाजार से एक कार के निकलने की सूचना मिली। इस कार को हैदरगंज चौराहे पर रोक कर तलाशी ली गई। कार में प्रतिबंधित पौरुष शक्तिवर्धक दवाएं, मसल्स को बढ़ाने वाली दवाओं के छोटे व बड़े 45 डिब्बे मिले। इसके अलावा 80 इंजेक्शन भी पाए गए। दवा खरीदने और बेचने के संबंध में कार चालक कोई जवाब नहीं दे सका। उसके पास कोई दस्तावेज भी नहीं मिला। पुलिस सामान सहित उसे लेकर बाजारखाला थाने आई। एफएसडीए के असिस्टेंट कमिश्नर रमाशंकर ने बताया कि पुलिस ने कार संख्या यूके 17 टीएम 0625 को सीज कर दिया है। सभी दवाओं को सील कर कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए युवक से दवाओं के कारोबारियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस पूरे अभियान में असिस्टेंट कमिश्नर रमाशंकर के साथ ड्रग इंस्पेक्टर माधुरी सिंह, रायबरेली से आए ड्रग इंस्पेक्टर दीपक शर्मा, बृजेश और नवीन कुमार शामिल थे। पुलिस टीम में बाजारखाला इंस्पेक्टर विजयेंद्र सिंह, पवन कुमार, विजय शंकर वर्मा शामिल थे।
दवाओं पर नहीं था कंपनी का लेबल
असिस्टेंट कमिश्नर रमाशंकर ने बताया कि दवाएं प्रतिबंधित हैं। उनपर किसी कंपनी का लेबल भी नहीं लगा है। पूछताछ में पता चला कि वह दिल्ली से खुला माल ले आता था। उसका मेरठ में जनता जनरल स्टोर नाम से दुकान है। वहां से वह माल को दूसरे डिब्बे में पैक करके दूसरे स्थानों पर सप्लाई करता था। उसके पास से 11 हजार के चेक भी मिले हैं। ये चेक उन दुकानदारों ने दिया है जहां वह माल सप्लाई करता था।
सेहत के लिए नुकसानदेह हैं दवाएं
असिस्टेंट कमिश्नर रमाशंकर ने बताया कि पकड़ी गई दवाएं हार्मोनल हैं। इसमें टेस्टोस्टेरॉन मिला हुआ है। यह उत्तेजना बढ़ाने वाली हैं। ये प्रतिबंधित हैं। इन दवाओं से किडनी, लिवर सहित सभी अंगों के लिए खतरनाक माना गया है। इंजेक्शन पर मात्रा, कंपनी का नाम भी नहीं है। इसलिए यह पूरी तरह से अवैध है।