मामले पर उत्तर रेलवे (लखनऊ मंडल) के डीएमआर सतीश कुमार का कहना है कि कैश ऑफिस को लेकर कैग की तैयार रिपोर्ट अभी मेरे पास नहीं पहुंची है। जरूरत पड़ने पर कैश ऑफिस के कर्मचारियों को अन्यत्र इस्तेमाल किया जाएगा।
वाराणसी स्टेशन पर भी कारगुजारी
लखनऊ की तरह ए-1 श्रेणी के वाराणसी रेलवे स्टेशन पर कैश ऑफिस में तैनात लोगों को बगैर काम के दी जा रही सैलरी पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वाराणसी में तीन रेलकर्मियों का स्टाफ है, जो छह लोगों को सैलरी बांटता है। इसके अतिरिक्त उनसे कोई अन्य काम नहीं लिया जाता है।