बलरामपुर। जिले के तीनों तहसीलों के बाढ़ पीड़ितों को 32 राहत केंद्रों पर मुफ्त में भोजन दिया जाएगा। जिले के सभी बाढ़ राहत केंद्रों को संसाधनों से लैस किया जा रहा है। बाढ़ चौकियों पर पंजीकरण कराने के बाद पीड़ितों को राहत केंद्रों पर सभी सुविधां मुहैया कराई जाएंगी। बाढ़ राहत केंद्रों को चाक-चौबंद करने के लिए अफसरों को जिम्मेदारियां सौंपी दी गई हैं। जिले के सभी बाढ़ राहत केंद्रों पर पीड़ितों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए गए हैं। सभी बाढ़ राहत केंद्रों पर एक-एक सुरक्षा कर्मी तैनात किया जाएगा। एएसपी एसके सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर बाढ़ राहत केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया है।
तैयार किए जा रहे स्थाई व अस्थाई बाढ़ राहत केंद्र
जिले के तीनों तहसीलों में 316 गांवों पर हर साल राप्ती नदी व 17 पहाड़ी नालों के बाढ़ का कहर टूटता है। बाढ़ में फंसे पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने पहले से कमर कस ली है। तीनों तहसीलों में 32 बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। सदर तहसील के 105 बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए 12, तुलसीपुर तहसील के 76 बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए 13 तथा उतरौला तहसील के 135 बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए सात बाढ़ राहत केंद्र बनाए जा रहे हैं। सभी स्थाई व अस्थाई बाढ़ राहत केंद्रों पर प्रकाश, शौचालय व ठहरने के चौक-चौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं। महिलाओं के लिए अलग कमरों की व्यवस्था कराई जा रही है। सभी केंद्रों पर बाढ़ पीड़ितों को निशुल्क भोजन व नाश्ते की व्यवस्था प्रशासन की तरफ से कराई जाएगी।
चिकित्सा के रहेंगे व्यापक इंतजाम
सभी बाढ़ राहत केंद्रों पर चिकित्सा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि सभी बाढ़ राहत केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था रहेगी। इलाज के लिए दवाओं का इंतजाम कर लिया गया है। पानी को शुद्घ करने के लिए सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शोभाराम चौधरी ने बताया कि सभी बाढ़ राहत केंद्रों पर पशु अस्पताल के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के निशुल्क टीकाकरण व इलाज की व्यवस्था रहेगी।
बैठक में सौंपी गई जिम्मेदारियां
एडीएम वित्त एवं राजस्व व जिला आपदा की अध्यक्षता में बीते दिन कलेक्ट्रेट में बैठक की गई है। बैठक में सीएमओ, सीवीओ, डीपीआरओ, डीएसओ, एआरटीओ तथा तीनों तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदारों को बाढ़ राहत केंद्रों को चाक-चौबंद कराने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ आने के बाद पीड़ितों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए शासन को पत्र लिखकर बजट की डिमांड की गई है।
कृष्णा करुणेश, डीएम