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सीएम को प्रेषित शिकायतों में लापरवाही, 10 अफसरों को नोटिस

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रायबरेली। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली शिकायतों के निस्तारण की ऑनलाइन मंशा जिले के अधिकारियों के ठेंगे पर है। डीएम संजय कुमार खत्री ने ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की समीक्षा की तो जिले के लापरवाह अधिकारियों की कलई खुल गई। समीक्षा में 10 जिला स्तरीय अधिकारियों की प्रगति सबसे खराब मिलने पर डीएम ने इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी दी है। डीएम ने लापरवाह अधिकारियों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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आईजीआरएस पर डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की जाती है। इन शिकायतों को तय समय में निस्तारित भी संबंधित अधिकारियों को करना होता है। समय से निपटारा न होने पर शिकायतें डिफाल्टर हो जाती हैं। डीएम ने आईजीआरएस की शिकायतों की समीक्षा की तो अधिकारियों की शिकायतों के निपटारे में लापरवाह सामने आ गई। जिला पूर्ति कार्यालय में लंबे समय से जमे क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को आईजीआरएस की शिकायतों के निपटारे की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन लापरवाही के कारण शिकायतों का सही ढंग से निपटारा नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा अन्य विभागों में भी अधिकारियों ने अपने अधीनस्थों को निपटारे की जिम्मेदारी दे रखी है।
डीएम ने समीक्षा में पाया कि अधिशाषी अभियंता शारदा सहायक दक्षिणी सिद्धार्थ कुमार, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड एसके कठेरिया, अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय घनश्याम, अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार धर्मराज सिंह, अधिशाषी अभियंता जल निगम जनार्दन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी केएन सिंह, जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी सीके वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ओपी गुप्त समय-समय पर निर्गत निर्देशों की अवहेलना करते हुए आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। इस मामले में डीएम ने सभी 10 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी ने इन सभी अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया है।
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