गोंडा। शहर की सड़कों पर वाहनों की अवैध पार्किंग से होने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए एसपी ने नया तरीका ईजाद किया है। नए फार्मूले के तहत वाहनों की अवैध पार्किंग को रोकने के लिए पुलिस गांधीगिरी का रास्ता अख्तियार करेगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने पंफलेट छपवाए हैं। इन पंफलेट को पुलिसकर्मी अपने पास रखेंगे और वाहन की अवैध पार्किंग दिखने पर पर्चे को वाहन के पीछे चिपका दिया जाएगा। इस पर्चे पर एसपी ने मैं ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करता स्लोगन लिखवाया है। एसपी का मानना है कि जब वाहन के पीछे लोग पंफलेट चिपका देखेंगे तो उन्हें एक तरह से यातायात नियमों के प्रति जागरूक होने की नसीहत मिल सकेगी।
शहर में अतिक्रमण के कारण जाम एक लाइलाज बीमारी बन चुकी है। सड़क किनारे पटरियों पर अतिक्रमण व अवैध पार्किंग के कारण पूरे दिन सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे शहरवासियों को प्रतिदिन ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। सबसे ज्यादा तकलीफ स्कूलों बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं व मरीजों को उठानी पड़ती है। इस ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई बार प्लान तैयार किया, मगर कुछ दिनों तक चलने के बाद हर प्लान ध्वस्त हो जाता है। इसको देखते हुए पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए गांधीगिरी का रास्ता अख्तियार करने का फैसला किया है। वाहनों की पार्किंग को लेकर लोगों में जागरूकता लाने के लिए उन्होंने पर्चा छपवाकर पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराया है। मैं ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करता स्लोगन लिखे पर्चे को पुलिसकर्मी अपने पास रखेंगे और जहां कहीं भी उन्हें अवैध रूप से वाहन पार्क दिखाई दिए, पुलिसकर्मी उन वाहनों के पीछे इस स्लोगन लिखे पर्चे को बिना कुछ कहे चिपका देंगे। पुलिस अधीक्षक का मानना है कि इससे संबंधित वाहन चालक को भले ही कुछ क्षण के शर्मिंदगी उठानी पड़े, मगर आगे से वह अपने वाहन को पार्क करने में इस स्लोगन को जरूर याद रखेगा। इसके अलावा उस वाहन के पीछे चलने वाले अन्य वाहन चालक भी जागरूक हो सकेंगे।
साइबर अपराधों की जागरूकता के लिए भी पर्चा
अपने गांधीगिरी के तरीके पर ही एसपी ने साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अलग से एक पंफलेट छपवाया है। एसपी ने बताया कि वर्तमान समय में कंप्यूटर, एटीएम, बैंक फ्राड, सोशल साइटों के जरिए अश्लीलता फैलाने व फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों की पहचान चुराने के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में सावधानी के माध्यम से ही इन अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। इसके लिए पर्चे छपवाकर शहर के सार्वजनिक स्थलों, बैंकों व स्कूली संस्थाओं के भीतर इसे चिपकाने का निर्देश दिया गया है।