यादव ने बताया कि इस टीम ने संबंधित जिलों में आयरन, स्टील व सीमेंट के कई डीलरों के प्रतिष्ठानों की जांच की। इसमें विभिन्न बड़े पैमाने फर्जी इनवाइस जारी करने का खुलासा हुआ।
उन्होंने बताया कि ये फर्म बिना माल मंगाए ही फर्जी इनवाइस जारी कर आईटीसी का लाभ ले रहे थे। यह खेल काफी दिनों से चल रहा था। सभी फर्मों के दस्तावेज की जांच की जा रही है।
अब तक कितने रुपये की टैक्स चोरी हुई है, इसका वास्तविक आंकड़ा कराया जा रहा है। हालांकि आशंका है कि यह मामला करीब 400 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी का है।