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40 हजार व्यापारी फाइल नहीं कर पाए जीएसटी का सालाना रिटर्न

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लखनऊ। जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) का वित्तीय वर्ष 2017-18 का सालाना रिटर्न (जीएसटीआर-9) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। और, राजधानी के 50 हजार पंजीकृत व्यापारियों में से 40 हजार व्यापारी अब तक सालाना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं। महज 10 हजार व्यापारी ही सालाना रिटर्न फाइल कर सके। जो व्यापारी सालाना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए, उनका इनपुट क्रेडिट टैक्स (आईटीसी) खतरे में पड़ गया है। ऊपर से जुर्माना चुकाने का डर भी सताने लगा है। यह संकट जीएसटी फॉर्म में खामी और व्यापारी के अनट्रेंड होने के कारण उत्पन्न हुआ है। व्यापारी जीएसटीआर-9 फॉर्म का विवरण जुटाने के लिए परेशान हैं।
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सालाना रिटर्न फाइल करने के लिए सिर्फ 14 दिन बाकी हैं। इस अवधि में 40 हजार व्यापारियों को सालाना रिटर्न फाइल करना है। पर, व्यापारी रिटर्न के फॉर्म में मांगी गई सूचना के डाटा को भरने में नाकाम साबित हो रहे हैं। दरअसल, व्यापारियों ने मासिक रिटर्न में माल खरीद, बेचने एवं टैक्स भरने की जो सूचनाएं भरी थीं, उससे अलग सूचनाएं सालाना रिटर्न फॉर्म में मांगी गई हैं। यहीं नहीं, दो करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर के कारोबारी को ऑडिट कराकर जीएसटीआर-9 का 9-सी भी फाइल करना है। जिससे बहुत से व्यापारी ऑडिट करा रहे हैं।
सालाना रिटर्न को 31 मार्च तक स्थगित करने की मांग
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मुखिया संदीप बंसल ने जीएसटी काउंसिल को पत्र भेज कर सालाना रिटर्न को 31 मार्च 2020 तक स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जीएसटीआर-9 फॉर्म की खामियोें को दूर करते हुए उसका सरलीकरण किया जाए।
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पोर्टल पर देर से लोड हुआ फॉर्म
लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने कहा कि जीएसटी काउंसिल द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 का सालाना रिटर्न फाइल करने वाला फॉर्म ही पोर्टल पर अप्रैल में अपलोड हुआ। जबकि दिसंबर 2018 तक सालाना रिटर्न को फाइल हो जाना चाहिए था।
ये प्रमुख खामियां
- सालाना रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया कठिन, फॉर्म में कई खामियां
- दो करोड़ से अधिक टर्नओवर के कारोबारी को कराना पड़ रहा ऑडिट
- डाटा पोर्ट (ऑटो विवरण) की गलत एंट्री का संशोधन करने मेें परेशानी
- अपंजीकृत व पंजीकृत का रिवर्स विवरण देने में करनी पड़ रही मेहनत
- फॉर्म में डाटा एडिट करने व रिवीजन करने का प्रावधान नहीं
...तो चुकाना पड़ेगा जुर्माना
राजधानी में अब तक महज 20 फीसदी यानी 10 हजार व्यापारी ही जीएसटीआर-9 फाइल कर पाए हैं। जो व्यापारी 31 अगस्त तक जीएसटीआर-9 फाइल नहीं करेंगे तो उनको जुर्माना चुकाना पड़ेगा। जुर्माने की धनराशि 25 हजार रुपये होगी।
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- शक्ति प्रताप सिंह, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी लखनऊ जोन वाणिज्य कर विभाग
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