कानपुर रोड स्थित 220 केवी सरोजनीनगर उपकेंद्र पर बृहस्पतिवार सुबह बजे एक हादसे में इंजीनियर समेत तीन कर्मियों के झुलसने के बाद अचानक ऊंचाहार सरोजनीनगर के एक सर्किट की बिजली बंद हो गई।
इससे चालीस 33/11 केवी उपकेंद्र ठप हो गए। परिणामस्वरूप आधे लखनऊ की बत्ती गुल हो गई। 10 उपकेंद्रों की बिजली 30 मिनट बाद चालू हो गई, लेकिन बाकी का बिजली संकट दूर होने में वक्त लगा।
वैसे मार्टिनपुरवा उपकेंद्र से पोषित वीआईपी इलाकों के उपकेंद्र चंद मिनट में चालू हो गए। सबसे अधिक बिजली संकट आलमबाग के लोगों ने झेला।
220 केवी ऊंचाहार-सरोजनीनगर की सप्लाई फेल होने के कारण 220 केवी हरदोई रोड, 132 केवी मार्टिनपुरवा, टिकैतराय तालाब, नीबू पार्क, पीजीआई उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
इनमें हरदोई रोड और मार्टिनपुरवा उपकेंद्र से जुड़े इलाकों को छोड़कर अन्य उपकेंद्र इलाकों में दोपहर तक बिजली संकट बरकरार रहा।
220 केवी उपकेंद्र के एसडीओ दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि बंद सर्किट वाले इलाकों की बिजली उन्नाव के सर्किट से चालू की गई।
इसके अलावा अमीनाबाद में 11 केवी फीडर चिकमंडी, कच्चा हाता एवं मौलवीगंज में पूरे दिन बिजली की त्राहि-त्राहि मची रही।
लोगों ने घंटों झेला संकट
सरोजनीनगर हादसे के कारण चंदरनगर और रेलवे पावर हाउस उपकेंद्र सुबह छह बजे से दोपहर बाद तक ठप रहे।
इससे आलमबाग, नटखेड़ा रोड, आदर्शनगर, टेढ़ी पुलिया, रामनगर, पूरननगर, तालकटोरा रोड, छोटा एवं बड़ा बरहा, आजादनगर इलाकों में जबरदस्त बिजली संकट रहा।
एरियर बंच कंडक्टर जलने से समर विहार कॉलोनी के कुछ हिस्से में 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रही।
दरअसल शिकायत के बाद भी जले एरियल बंच कंडक्टर को बदला नहीं गया। इसके कारण लोगों को पानी संकट भी झेलना पड़ा।