- जननांगों में टीबी के बैक्टीरिया होने के कारण गर्भधारण नहीं कर पाती हैं महिलाएं
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। आज बांझपन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सामान्य आबादी में करीब पांच फीसदी महिलाएं बांझपन का शिकार हैं। ज्यादा उम्र में शादी, तनाव और अन्य कारणों के साथ जननांगों की टीबी इसकी सबसे बड़ी वजह है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय बांझपन के कुल मामलों में 40 फीसदी से ज्यादा की वजह जननांगों की टीबी है। बगैर टीबी का इलाज हुए बांझपन की समस्या दूर नहीं हो सकती है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की रिप्रोडक्टिव मेडिसिन यूनिट की इंचार्ज डॉ. मालविका मिश्रा ने बताया कि ओपीडी में आने वाली हर सौ में से 40 महिलाओं के गर्भधारण न करने की वजह जननांगों की टीबी होती है। टीबी के बैक्टीरिया इनके जननांगों में होते हैं। माइक्रोस्कोप से इसकी पहचान की जाती है। टीबी एक ठीक होने वाली बीमारी है। इसलिए इलाज के बाद महिलाएं गर्भधारण कर सकती हैं।
किसी भी अंग में हो सकता है टीबी का संक्रमण
केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से फैलता है। देश में लगभग 40 प्रतिशत आबादी इससे ग्रसित है। बैक्टीरिया सांस द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं और रोगी के खांसने, बात करने, छीकने, थूकने से दूसरे लोगों में इसका संक्रमण हो जाता है। सबसे ज्यादा मामले फेफड़े की टीबी के मिलते हैं, लेकिन बाल औन नाखून को छोड़कर यह शरीर के हर अंग में फैलती है। जननांग भी इससे अछूते नहीं हैं।
महिलाओं में लक्षण :
-समय से माहवारी का ना होना।
-जननांग से रक्त मिश्रित श्राव होना।
- संभोग के समय दर्द होना इत्यादि।
पुरुषों में लक्षण :
- स्खनल न होना।
-स्पर्म की संख्या में कमी।
- पिट्यूटरी ग्लैंड की समस्याएं।
महिलाओं में क्षय रोग से ग्रसित होने वाले जननांग और उनका प्रतिशत
- फैलोपियन ट्यूब 95 से 100 प्रतिशत तक।
- यूटेराइन इंडोमैट्रिक 50 से 60 प्रतिशत तक।
- ओवरी 20 से 30 प्रतिशत तक।
- सर्विक्स 5 से 15 प्रतिशत तक।
- मायोमैट्रियिम 2.5 प्रतिशत तक।
- वेजाइना 1 प्रतिशत तक।