शासन ने शीतलहरी और ठंड से गरीबों और निराश्रितों पर होने वाले गंभीर असर को लेकर अफसरों को संवेदनशील रवैया अख्तियार करने की हिदायत दी है।
प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि ठंड से मौत की सूचना पर उपजिलाधिकारी को पीड़ित परिवार के घर जाकर जांच करनी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे ठंड से मौत की पुष्टि होने पर मृतक परिजनों को चार लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी।
चंद्रा ने बताया कि शुक्रवार तक शासन को सूबे में एक मौत ठंड से होने की सूचना सामने आई थी।
यह मौत लखनऊ में बताई जा रही थी। मगर, लखनऊ के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने ठंडक से मौत से इनकार किया है।
मालूम हो कि मुख्य सचिव आलोक रंजन ने चार नवंबर को जिलाधिकारियों को निर्देशित किया था कि निराश्रित व असहाय व्यक्तियों का चिन्हांकन एक दिसंबर तक कर लिया जाए और 10 दिसंबर तक कैंप लगाकर कंबल बांट दिए जाएं। बावजूद इसके 18 दिसंबर तक बुलंदशहर, गाजियाबाद समेत 49 जिलों ने कंबल नहीं खरीदे।