मुख्य प्रबंधक के मुताबिक, 6 अगस्त को शादाब, अनवर के नाम से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से प्राधिकरण का 9,85,600 रुपये का चेक आया। बैंक ने इस बाबत प्राधिकरण के अफसरों से संपर्क किया तो पता चला कि वहां से ऐसा कोई चेक जारी नहीं किया गया है।
प्राधिकरण की तरफ से किसी भी तरह के भुगतान के लिए रोक लगवाई गई। बाद में पता चला कि पूर्व में जिन चार चेकों के माध्यम से प्राधिकरण के खाते से रुपये आहरित किए गए थे, वे सभी फर्जी थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।