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72,825 शिक्षक भर्ती: अब भी 34 हजार पद खाली

Tue, 28 Oct 2014 10:30 PM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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प्राइमरी स्कूलों में चल रही 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में दो चरण की काउंसलिंग के बाद अब भी 34,442 पद खाली हैं। हालांकि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) जिलेवार मिले ब्यौरे का मिलान कर रहा है।
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इसके बाद खाली पदों के लिए तीसरे चरण की काउंसलिंग होगी। इससे पहले दो दिन के लिए वेबसाइट खोली जाएगी जिससे डायट प्राचार्य त्रुटियां ठीक कर सकें।

तीसरे चरण की काउंसलिंग 3 से 12 नवंबर तक प्रस्तावित है। एससीईआरटी ने दूसरी काउंसलिंग में योग्य अभ्यर्थियों का ब्यौरा जिलेवार मांगा था। जानकारों की मानें तो जिलेवार  ब्यौरे के मुताबिक करीब 38,383 अभ्यर्थियों को अर्ह पाया गया है तथा 34,442 पद खाली हैं। जिन अभ्यर्थियों को योग्य पाया गया है उनका शिक्षक बनना तय है।

इसलिए अगले चरण की काउंसलिंग से उनका नाम हटा दिया जाएगा। एससीईआरटी ने मंगलवार को पूरा ब्यौरा एनआईसी को सौंप दिया है। एनआईसी इस ब्यौरे के आधार पर मिलान करेगा और अर्ह मिलने वालों के नाम अगली काउंसलिंग से हटाएगा। इसके बाद शेष अभ्यर्थियों और रिक्त पदों के आधार पर मेरिट का निर्धारण किया जाएगा।
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54 फीसदी अभ्यर्थी पात्र पाए गए

अभी तक प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए दो चरणों की काउंसलिंग में 54 फीसदी अभ्यर्थी पात्र पाए गए हैं। इसके अलावा पांच फीसदी अभ्यर्थियों के मामले विचाराधीन हैं। तीसरे चरण की काउंसलिंग के लिए संशोधन प्रक्रिया अब 28 अक्तूबर तक चलेगी, इसके चलते मेरिट 1 या 2 नवंबर को जारी की जाएगी।

प्रशिक्षु शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग के बाद ज्यादातर जिलों की आधी से अधिक सीटें भर गई हैं।

एससीईआरटी को जिलों से मिले ब्यौरे के आधार पर 54 फीसदी अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए पात्र पाया गया है और पांच फीसदी अभ्यर्थी पर विचार चल रहा है। इन मामलों पर एससीईआरटी स्तर पर जल्द निर्णय कर लिया जाएगा।

एससीईआरटी ने 15 से 21 अक्तूबर तक डायट प्राचार्य और बीएसए के लिए आवेदनों के आधार पर की गई डाटा फीडिंग की त्रुटियों को ऑनलाइन संशोधन की समय-सीमा रखी थी, लेकिन दिवाली की छुट्टी के चलते समय-सीमा 28 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई थी।

इसके पहले जारी हुए आदेश के अनुसार

अध्यापकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को अब मूल प्रमाण पत्र जमा नहीं करने होंगे।

अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान इसे दिखाना तो जरूर होगा, लेकिन राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित फोटोकॉपी ही जमा की जाएगी। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने गुरुवार को इस आशय का शासनादेश जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने यह शासनादेश हाईकोर्ट के आदेश पर जारी किया है।

बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में भर्ती के लिए बीएड पास अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे।

कई अभ्यर्थियों ने प्राइमरी तथा उच्च प्राइमरी दोनों के लिए आवेदन कर रखा है या फिर कई-कई जिलों में आवेदन कर रखा है। मूल प्रमाण पत्र जमा करा लिए जाने से ऐसे अभ्यर्थी केवल एक ही जिले में काउंसलिंग करा पा रहे थे।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुलझा मामला

कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया था कि काउंसलिंग के दौरान मूल प्रमाण पत्र जमा करने की अनिवार्यता समाप्त की जाए। हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया।

सचिव बेसिक शिक्षा ने इसके आधार पर शासनादेश जारी करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक को निर्देश दिया है कि काउंसलिंग के दौरान मूल प्रमाण पत्र न जमा कराए जाएं।

नियुक्ति पत्र में उल्लेख किया जाए कि कार्यभार ग्रहण करते समय चयनितों को मूल प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा जिससे छायाप्रति का उससे मिलान किया जा सके।
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