102 एंबुलेंस सेवा के पराग चौराहा के पास कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी में स्थित कॉल सेंटर में 32 कर्मचारी एक साथ पॉजिटिव पाए जाने के कारण इसे शनिवार को 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने 100 अन्य कर्मचारियों के नमूने जांच के लिए इकठ्ठे किए हैं। इसके साथ ही पूरे परिसर और कर्मचारियों के बैठने के स्थान को विसंक्रमित कराने के प्रकिया शुरू हो गई है।
प्रदेश में 108, 102 व एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस संचालक कंपनी जीवीके ईएमआरआई का कानपुर रोड स्थित पराग चौराहे के पास मुख्यालय हैं। इसी से 108 व 102 एंबुलेंस का कॉल सेंटर संचालित होता है। 108 सेवा का पश्चिम उतर प्रदेश में एंबुलेंस संचालन के लिए आगरा में भी एक कॉल सेंटर है। वहीं 102 सेवा का कॉल सेंटर सिर्फ लखनऊ में ही है।
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बताया जा रहा है कि 102 सेवा के कॉल सेंटर की एक महिला कर्मचारी की कार्यालय आने पर इंफ्रारेड थर्मामीटर से फीवर स्कैनिंग की गई। जांच में उसके शरीर का तापमान ज्यादा मिलने पर उसे छुट्टी दे दी गई। महिला कर्मचारी ने छुट्टी के दौरान कोरोना टेस्ट कराया तो रिपोर्ट 30 जून को पॉजिटिव बताई गई। कॉल सेंटर कर्मी को क्वारंटीन करने के साथ ही 102 सेवा के कॉल सेंटर के पहले फ्लोर के उन कर्मचारियों की जांच भी कराई गई, जो महिला कर्मचारी के पास बैठते थे। इस जांच में 32 कर्मचारी पॉजिटिव मिले हैं। सभी एसिम्प्टोमैटिक है। एक भी पॉजिटिव मरीज में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सभी कोविड अस्पताल में क्वांरटीन किया गया है। कॉल सेंटर के भवन को 48 घंटे के लिए सील करके सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। शुक्रवार शाम तक 100 कर्मचारियों के नमूने जांच के लिए जा चुके थे।
जीवीके ईएमआरआई के स्टेट हेड किशोर नायडू ने बताया कि एंबुलेंस सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए लॉकडाउन की शुरुआत से ही कॉल सेंटर में आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। प्रत्येक शिफ्ट के पहले कॉल सेंटर को सैनिटाइज कराया जा रहा है। 102 सेवा के कॉल सेंटर को बंद करने के बाद उसे 108 सेवा पर शिफ्ट किया गया है जिससे 102 एंबुलेंस की सेवाएं जारी रहें। यदि किसी को कॉल करने में दिक्कत आती है तो वह स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके सीधे एंबुलेंस की सेवाएं ले सकता है। इसके लिए एंबुलेंस स्टाफ को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।