चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह है कि राजधानी में अभी तक सामुदायिक संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं। ऐसे में जो लोग बाहर से आए हैं, वे कम से कम सप्ताह भर भीड़ वाली जगह पर न जाएं। परिवार के लोगों से भी दूर रहें और होम क्वारंटीन रहें। इस बीच यदि लक्षण दिखे तो तत्काल जांच करा लें।
कई चरणों में फैला वायरस
राजधानी में वायरस पांच चरणों में फैला। हालांकि, अनलॉक के बाद जून सबसे खतरनाक साबित हुआ। इसकी बड़ी वजह दूसरे शहरों से लौटने वाले युवा बताए जा रहे हैं।
जमातियों से सब्जी विक्रेता तक
राजधानी में संक्रमित मिले जमाती भी दिल्ली से आए थे। इनसे सब्जी विक्रेताओं तक वायरस पहुंचा। फिर इसने सदर, पांडेगंज, नजीराबाद, ऐशबाग, फैजुल्लागंज सहित अन्य इलाकों में 600 से ज्यादा को चपेट में लिया।
पड़ताल में यह सामने आया कि विभिन्न कार्यालयों में वायरस के स्रोत भी दूसरे शहर से आए लोग रहे। मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का रहा हो या पीएसी का, दोनों जगह दूसरे स्थान से आए लोगों के जरिये ही वायरस आने का अंदेशा है।
जिम्मदारों की बात
राजधानी में समूह में जहां मरीज मिले हैं, उनकी चेन किसी न किसी रूप से दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव से जुड़ी पाई गई। कई ऐसे भी केस सामने आए हैं जिन्होंने दूसरे शहरों से लौटने के बाद लापरवाही बरती। ऐसे में अगले 15 दिन को अहम माना जा रहा है। सर्वे में लगी टीमों को भी सचेत किया गया है। दूसरे शहरों से आने वालों की जानकारी मिलते ही उन्हें होम क्वारंटीन कराया जा रहा है। जरूरत मुताबिक जांच भी कराई जाएगी। -डॉ. केपी त्रिपाठी, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण
यह सही है कि राजधानी में वायरस फैलने की बड़ी वजह बाहरी शहरों से आने वाले हैं। इनके जरिये शहर में वायरस आया और फिर राजधानीवालों के लिए मुसीबत बन रहा है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि बाहर से आने वाले लोग तत्काल अपनी जानकारी दें। इधर-उधर बाजार में न घूमें। अन्यथा शहर के अन्य लोगों में भी वायरस फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकेगा। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ