इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने बृहस्पतिवार को फाइनल परीक्षा (न्यू व ओल्ड) और फाउंडेशन का परिणाम जारी कर दिया।
राजधानी के करीब 31 छात्रों ने सीए को पूर्ण रूप से उत्तीर्ण कर मेधा का परचम लहराया है। अभय त्रिपाठी ने लखनऊ चैप्टर से प्रथम, नम्रता अरोड़ा ने दूसरी, रूही सिंह ने तीसरी, अविजित राज सिंह ने चौथी और गोविंद गर्ग ने पांचवीं रैंक हासिल की है।
आईसीएआई लखनऊ शाखा के अध्यक्ष सीए प्रदीप कुमार गोयल और सचिव सीए रवीश चौधरी ने बताया कि 720 छात्रों ने परीक्षा दी थी। ग्रुप एक में 70, ग्रुप दो 74 और एकसाथ दोनों ग्रुप को 19 छात्रों ने उत्तीर्ण किया।
इस बार पुरुष और महिला दोनों का उत्तीर्ण प्रतिशत करीब 30 प्रतिशत रहा। सीए फाइनल के सफल छात्रों में हनी गोयल, ऊमा अरोड़ा, हर्षिता, सुरभि पारिख, गगनदीप सिंह, कृतिका सिंह, श्वेता अग्रवाल, मुस्कान सेठ, पल्लवी शर्मा, निधि तिवारी, सूरज कपूर, देवेश, सौरभ शर्मा, भव्या मित्तल, शोभित अग्रवाल, शुभम सिंह समेत कई शामिल रहे।
ज्यादा रिविजन करें
मैंने पहले ही अटेंप्ट में फाइनल के दोनों ग्रुप को उत्तीर्ण किया। शहर में पहली रैंक अर्जित की है। केकेसी से बीकॉम के दौरान सीए की तैयारी शुरू कर दी थी। सेलेक्टिव पढ़ा और रिविजन किया। परीक्षा से पहले दोबारा रिविजन किया। दूसरे छात्रों को टिप्स हैं कि वे क्लास अटेंड करें और रिविजन करते रहें। साथ ही भरपूर नींद भी लें। मैं अब जॉब करूंगा और इन्कम टैक्स के क्षेत्र में कार्य करना चाहता हूं। - अभय त्रिपाठी, सीए
पढ़ाई में निरंतरता जरूरी
मैंने दोनो ग्रुप एकसाथ उत्तीर्ण किया। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम के दौरान ही सीए की तैयारी शुरू कर दी थी। पढ़ाई में निरंतरता जरूरी है। यही सफलता का मंत्र है। परीक्षा से पहले तीन से चार बार रिवाइज किया। दूसरे छात्रों को सलाह है कि वे आर्टिकलशिप के दौरान ही पढ़ाई शुरू कर दें। रोजाना दो से तीन घंटे पढ़ाई जरूर करें। मैं जॉब करूंगी और जीएसटी में दिलचस्पी है। - नम्रता अरोड़ा, सीए
एक बार में एक विषय पर फोकस
छोटे-छोटे ब्रेक लेकर तैयारी की। एक बार में एक विषय पर फोकस किया। ऊर्जावान रखने के लिए गाना सुनना, फुटबॉल खेलने के साथ कुछ देर बालकनी में समय व्यतीत करता था। 2019 में लखनऊ विवि से बीकॉम किया और सीए फाइनल के दोनों ग्रुप एकसाथ उत्तीर्ण किया। टिप्स है कि जो सही लगे वो करें और साथ में पढ़ें। मुझे इन्कम टैक्स और लॉ में दिलचस्पी है। - अविजित राज सिंह, सीए
12वीं के बाद शुरू कर दी तैयारी
कक्षा 10 में ठान लिया था कि सीए ही बनूंगा। मूलरूप से लखीमपुर खीरी का रहना वाला हूं। 2017 में 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद से ही तैयारी शुरू कर दी थी। मैं थोड़ा-थोड़ा पढ़ता था। दूसरे छात्रों को भी यही सलाह है कि वे थोड़ा-थोड़ सब पढ़ें और खूब रिविजन करें। मैं जॉब करना चाहता हूं और शेयर मार्केट ट्रेडिंग के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना है। - गोविंद गर्ग, सीए
गलतियों से सीखा और सफल हुआ
दोनों ग्रुप एक साथ तो उत्तीर्ण किया, लेकिन तीसरी बार में। गलतियों से सीखा और सुधार किया। तैयारी के दौरान फोन से दूर रहा और लाइब्रेरी में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक पढ़ता था। ये रूटीन हो गया था। दूसरे छात्रों को सलाह है कि वे ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दें और लाइब्रेरी में ज्यादा समय बीताएं। खूब अभ्यास करें। पिता रमेश चंद्र मेहरोत्रा अमीनाबाद में कपड़े की शॉप पर काम करते हैं। - आकाश मेहरोत्रा, सीए
खोलनी है अपनी फर्म
दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम के दौरान सीए की तैयारी करता रहा और दो बार में सफलता प्राप्त कर ली। तैयारी के दौरान रोज 10 से 12 घंटे पढ़ता था और ऊर्जावान रखने के लिए रस्सीकूद व दौड़ लगाता था। दूसरे छात्रों को सलाह है कि वे रोजाना आठ से 10 घंटे जरूर पढ़ें और अभ्यास करें। मैं तीन साल जॉब करूंगा और बाद में खुद की फर्म खोलूंगा। जीएसटी में विशेषज्ञता हासिल करनी है। - मो. फराज, सीए
लक्ष्य तय कर करें तैयारी
सीए करने वाले छात्रों को सलाह है कि पहले वे लक्ष्य तय कर लें फिर लगन के साथ तैयारी करें। 2012 में इंटर के बाद तैयारी शुरू कर दी और चौथी बार में सफलता हासिल की। पुराने पेपर हल किए, ज्यादा से ज्यादा प्रश्न हल किए। रोजाना आठ से 10 घंटे पढ़ाई की। जीएसटी में रुचि है, लेकिन विभिन्न विधाओं में प्रैक्टिस करना चाहती हूं। - गरिमा बाजपेयी, सीए
कोरोना की कठिनाइयों को पार कर पाई सफलता
कोरोना में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। परिस्थितियां विपरीत हुईं तो 2021 में बैंक में जॉब कर ली, पर अंतिम तैयारी नहीं छोड़ी। परिवार के साथ बैंक के स्टाफ ने भी साथ दिया। तीसरी बार में सफलता प्राप्त की है और अब बैंकर बनना है। दूसरे छात्रों को सलाह है कि हिम्मत व विश्वास रखें और लगन के साथ तैयारी करें। 2015 में इंटर के बाद से सीए की तैयारी कर रहा था। - करन रस्तोगी, सीए