प्रधानमंत्री के पास सबसे पहले एसपीजी के बॉडीगार्ड होंगे। यह जवान असॉल्ट राइफल, ऑटोमेटिक गन, 17 एम रिवॉल्वर समेत अन्य आधुनिक असलहों से लैस होंगे। अगले स्तर में एसपीजी के कमांडो रहेंगे। इसके बाद एनएसजी के खतरनाक ब्लैक कैट कमांडो सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। इनके साथ ही एटीएस व अन्य कमांडो भी मुस्तैद होंगे। चौथे लेयर में अर्द्धसैनिक बलों के जवान होंगे। जबकि अंतिम लेयर में सुरक्षा का जिम्मा सिविल पुलिस के जवानों का होगा। कार्यक्रम स्थल से लेकर बाहर तक चप्पे-चप्पे पर इन जवानों का पहरा होगा। बिना इनकी अनुमति के प्रधानमंत्री के इर्द-गिर्द परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।
इस फुलप्रूफ सुरक्षा घेरे को अमली जामा पहनाने के लिए एसपीजी के 35 जवान आ चुके हैं। अभी लगभग इतने ही और जवानों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा एटीएस के 550 कमांडो भी लगातार कैंप किए हैं। शुक्रवार को यह कमांडो आगे मोटर साइकिल व पीछे-पीछे वाहनों के काफिले के साथ रिहर्सल करते भी नजर आए हैं। वहीं, कार्यक्रम को लेकर हाईवे पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। 200 मीटर की दूरी पर पुलिस, यातायात व अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन तलाशी ली जा रही है। आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत खाका तैयार किया गया है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। तमाम आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया जा रहा है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां तैयार हैं।