दूध में मिलावट करने पर दो दूधियों पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। न्याय निर्णायक अधिकारी सर्वेश दीक्षित ने यह जुर्माना लगाया।
जुर्माने की रकम एक माह में जमा करनी होगी। मामला 2013 का है। अभिहित अधिकारी वीके सहाय ने बताया कि तत्कालीन खाद्य सुरक्षाधिकारी वीपी सिंह ने रामकोट में विनोद दूध कलेक्शन सेंटर व इमलिया सुल्तानपुर में मायाराम के यहां से दूध का सैंपल लिया था।
राजकीय प्रयोगशाला की जांच में रामकोट के नमूने में ग्लूकोज मिला था जबकि फैट 70 फीसदी कम था। वहीं, दूसरे नमूने में फैट की मात्रा 31 फीसदी कम थी। दोनों के खिलाफ मई 2014 में केस दर्ज कराया गया था।