उच्च प्राइमरी स्कूलों में 29,334 गणित व विज्ञान शिक्षकों की भर्ती की राह आसान होती दिख रही है।
अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी से मुलाकात कर कहा कि हाईकोर्ट में अब सिर्फ प्रोफेशनल कोर्स को शामिल करने या न करने का ही मामला है।
जबकि अन्य दो मामलों का स्टे समाप्त हो चुका है। हरेंद्र मौर्या ने कहा कि इसलिए नियुक्ति पत्र देने में अब कोई बाधा नहीं है। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि सचिव बेसिक शिक्षा से इस संबंध में पूरी जानकारी लेकर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया जाएगा।
वहीं, इस मामले में एकल न्यायपीठ के समक्ष लंबित नीलम कुमारी गौतम की याचिका वापस ले लिए जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक समाप्त हो गई है।
सीधी भर्ती को दी गई थी चुनौती
याचिका में सीधी भर्ती किए जाने की नीति को चुनौती दी गई थी। मांग की गई थी कि पदों को पहले प्रोन्नति से भरा जाए। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक का अंतरिम आदेश दिया था।
बृहस्पतिवार को याची के वकील ने अदालत में याचिका वापस लेने की अर्जी दी जिसे स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय ने याचिका खारिज कर दी है।
इससे पूर्व हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इसी मामले में दाखिल विशेष अपील अपील खारिज कर दी थी मगर एकल न्यायपीठ द्वारा दिया गया स्थगन आदेश लागू होने के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की जा सकी थी।
दायर हुई थीं दो याचिकाएं
बता दें कि परिषदीय जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए 11 जुलाई 2013 में जारी विज्ञापन के खिलाफ दो याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
एक याचिका नीलम कुमारी गौतम ने दाखिल जिस पर एकल पीठ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी थी।उल्लेखनीय है कि जूनियर हाईस्कूल में 29334 पदों पर सहायक अध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए 11 जुलाई 2013 को विज्ञापन जारी किया गया था।
कुछ अभ्यर्थियों ने इसे यह कहते हुए चुनौती दी कि नियमानुसार कम से कम आधे पद प्रोन्नति के द्वारा भरे जाएं। सरकार का कहना था कि प्रोन्नति के द्वारा पदे भरे जाने के बावजूद सभी पदों पर भर्ती के लिए योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं।