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UP: 27 IAS अफसरों को मिली नई तैनाती

Fri, 30 Jan 2015 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश सरकार ने गुरुवार को तीन जिलों में नए डीएम की तैनाती के साथ ही 27 आईएएस अफसरों की तैनाती में फेरबदल किया है। विशेष सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य प्रीति शुक्ला को बलरामपुर का डीएम बनाया गया है। वहीं शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन योजना के प्रशासक अभय को बहराइच का डीएम बनाया गया है, जबकि विशेष सचिव प्राविधिक शिक्षा भानु चंद्र गोस्वामी को जौनपुर के डीएम की जिम्मेदारी मिली है।
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इस फेरबदल में प्रमुख सचिव शैलेश कृष्ण से श्रम विभाग वापस ले लिया गया है। सूत्रों के अनुसार श्रम मंत्री शाहिद मंजूर के साथ पटरी न खाने के कारण ही यह विभाग उनसे हटाया गया है। पालना योजना में गड़बड़ी सामने आने के बाद से ही मंत्री व प्रमुख सचिव के बीच खटास चल रही थी। अब अरुण कुमार सिन्हा को प्रमुख सचिव श्रम बनाया गया है।

प्रमुख सचिव अरविंद कुमार से भी प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। राज प्रताप सिंह को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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दुर्गा शक्ति के पति पर हुआ ये एक्‍शन

सरकार ने मुरलीधर दुबे को नया चकबंदी आयुक्त बनाया है।
अभी तक यह प्रभार प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा के पास था। डॉ. काजल को प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी के पद से हटाकर निदेशक नेडा, लखनऊ में तैनाती दी है। दरअसल, डॉ. काजल ने वाराणसी में पुराने प्रबंध निदेशकों के कार्यकाल की जांच शुरू करवा दी थी।

ट्रांसफार्मर वर्कशॉप की भी जांच चल रही थी। डॉ. काजल की यह तेजी दूसरे अधिकारियों को रास नहीं आ रही थी। यह तबादला इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं दुर्गा शक्ति नागपाल के पति अभिषेक सिंह को बीते दिनों सीडीओ बांदा बनाया गया था। लेकिन अब उनका बांदा किया गया तबादला निरस्त करते हुए हरदोई का सीडीओ बनाया गया है।
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निदेशक पर गिरी नियुक्तियों में धांधली की गाज

महिला कल्याण विभाग में नियुक्तियों में हुई धांधली की गाज निदेशक एवं सचिव महिला कल्याण देवेंद्र नाथ वर्मा पर गिरी है। उन्हें तत्काल विभाग से हटा दिया गया है। अब उन्हें पिछड़ा वर्ग कल्याण का निदेशक बनाया गया है।

दरअसल, महिला कल्याण विभाग में इंटीग्रेटेड चाइल्ड प्रोटेक्शन स्कीम (आईसीपीएस) के तहत भर्तियों में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। संविदा के आधार पर हो रही 363 पदों की भर्तियों में बिना शैक्षिक योग्यता के ही अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया।
नियुक्तियों की गड़बड़ी की सूचना जैसे ही सरकार को लगी इस पर तत्काल रोक लगा दी गई थी। अब इस मामले में निदेशक को हटा दिया गया है।
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