उत्तर प्रदेश की मंडी समितियों में सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, प्रोटोकॉल तथा लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 250 व्यापारियों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। 109 व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जेपी सिंह ने बताया कि 808 व्यापारी फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों से 50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में फल-सब्जी की आपूर्ति नियमित करने के साथ ही रिहायशी इलाकों में डोर-स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। किसानों ने मंडी में अपने उत्पादों की बिक्री की। इससे जहां उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर फल-सब्जी उपलब्ध हुई, वहीं किसानों को चुनौतीपूर्ण काल में भी उनकी उपज के लिए उचित दाम मिला।