परियोजनाओं की लागत की हिस्सेदारी शहरों की आबादी के आधार पर तय की गई है। 10 लाख से अधिक आबादी बाले शहरों से जुड़ी परियोजनाओं की लागत का एक तिहाई धन केंद्र और दो तिहाई धन राज्य सरकार देगी। जबकि 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों की परियोजना की लागत का 50-50 फीसदी धन दोनों सरकारें देंगी।
परियोजना के तहत ये काम होंगे
परियोजना के तहत उन घरों को पेयजल कनेक्शन दिया जाएगा, जहां वर्तमान में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहरों की पुरानी पाइपलाइन बदलने के साथ ही पानी सप्लाई की व्यवस्था का विस्तार भी किया जाएगा। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से नई पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी।
इन शहरों के लिए स्वीकृत हुई योजना
अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, अयोध्या, वृंदावन-मथुरा, झांसी, शाहजहांपुर, मेरठ, खुर्जा, सोनभद्र, अमरोहा, हरदोई, जौनपुर, मुगलसराय, गाजीपुर, आजमगढ़, बुलंदशहर, शिकोहाबाद, संभल, चंदौसी व मिर्जापुर।