उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के नगराम के बहरौली गांव में बुधवार दोपहर जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के बैनर से बंधे गैस भरे दर्जनों गुब्बारे का गुच्छा धमाके के साथ फट गया। इसमें लगी आग की चपेट में आकर आठ बच्चों समेत 15 ग्रामीण झुलस गए। इनमें 28 प्रतिशत तक झुलसे एक व्यक्ति की हालत गंभीर है।
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आसमान में उड़ते गुब्बारों का गुच्छा नीचे आता देख महिलाएं, पुरुष और बच्चे उसे पकड़ने दौड़े थे। छीनाझपटी में एक साथ कई गुब्बारे फटने से आग भड़क उठी। झुलसे लोगों को सीएचसी ले जाया गया। वहां से 12 को सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया और अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नगराम के गांव बहरौली में गुब्बारों में धमाके से झुलसे लोगों के इलाज के लिए अपने राहत कोष से 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है।
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वहीं, जिला प्रशासन की ओर से उनके परिवारीजनों को तत्काल 2500-2500 रुपयों की आर्थिक मदद दी गई। इस बीच, जिलाधिकारी राजशेखर ने गुब्बारों में गैस भरने वाले नाका हिंडोला निवासी इरफान (25) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
इस तरह हुई घटना
पुलिस के मुताबिक, बहरौली गांव में बुधवार को ग्रामीण खेत से काटे धान पीट रहे थे। उनके पास खेल रहे बच्चों ने आसमान में दर्जनों गुब्बारों के चार गुच्छे उड़ते देखे। बच्चों का शोर सुनकर महिला और पुरुष भी धीरे-धीरे नीचे आ रहे गुब्बारे का गुच्छा पकड़ने दौड़ पड़े। गुच्छा नहर के किनारे के खेत के ऊपर पहुंचा था कि शांति मिश्रा नामक महिला ने एक गुच्छे से बंधी डोर पकड़ ली। इस बीच बच्चों की टोली पहुंच गई।
गांव के जागेश्वर और उसके भाई शिवचरन ने रामकुमार व राजकरन की मदद से बच्चों को डांटकर शांत कराया और गुब्बारों का गुच्छा झपटने के साथ बच्चों को एक-एक गुब्बारा देने के लिए लाइन लगाने को कहा। इस बीच शिवचरन एक गुच्छा लेकर भागने लगा। यह देख बच्चों ने जागेश्वर से छीनाझपटी शुरू कर दी। इसमें एक गुब्बारा फटने के साथ जोरदार धमाका हुआ। पूरे गुच्छे के 35-40 गुब्बारे एक साथ फट गए और आग लग गई।
इसके साथ गुब्बारों के दो अन्य गुच्छे भी तेज आवाज के साथ दग गए। गुब्बारों की जलती हुई रबर, गैस से भड़की लपटों की चपेट में आने से जागेश्वर (25), रामकुमार (22), उसकी बहन काजल (12), राजकरन (36) उसकी बेटी दामिनी (16), शालू (18), बेटा रोहित (6), नंदू के बेटे सूरज (12) व सुशील (10), रीता (12), शिवचरन के बेटे सूरज (13), सुनील (11) व शिवांशु (5), अभिषेक (9) पुत्र अरविंद और संदीप (15) झुलस गए।
तेज धमाके और आग से फैली दहशत
गैस भरे गुब्बारों के गुच्छे में तेज धमाका, आग और शोर से गांव में दहशत फैल गई। लोगों ने जहरीली गैस के हमले की आशंका जताते शोर मचाना शुरू किया। एक व्यक्ति ने पुलिस को फोन किया। इसके साथ 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस बुलाई। घायलों को सीएचसी गोर्साईंगंज ले जाया गया। डॉक्टरों ने शालू, रोहित व संदीप के अलावा सभी को सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।
हादसे का पता चलते ही एसओ नगराम दिनेश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। थोड़ी देर में एसडीएम मोहनलालगंज नंदलाल सिंह, सीओ राजेश यादव व तहसीलदार भरतराम यादव टीम के साथ पहुंचे। सीएमओ एसएनएस यादव ने भी गांव का दौरा किया। सीएचसी व सिविल अस्पताल जाकर घायलों के अच्छे उपचार के निर्देश दिए।
जांच के लिए सुरक्षित किए फटे गुब्बारे एसओ नगराम दिनेश सिंह ने मौका मुआयना के साथ खेत में पड़े 35 फटे गुब्बारों का गुच्छा कब्जे में लिया। इसे परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। एसओ ने कहा कि गुब्बारे में कौन सी गैस भरी थी, वह कितनी घातक थी और अन्य वजहों की जांच की जा रही है।
इस घटना पर सीएचसी गोसाईंगंज डॉ. डी के सिंह का कहना है कि गुब्बारों में विस्फोट के पीछे गैसीय एंड केमिकल बर्न रिएक्शन है। गुब्बारों में हाइड्रोजन या अमोनिया गैस भरी होने का अनुमान है। छीनाझपटी में एक गुब्बारा फटा। इसके धमाके से अन्य गुब्बारों में भरी गैस में रिएक्शन हुआ और सभी गुब्बारे एक साथ फटने से आग भड़कने की स्थिति बनी।
चीखपुकार पर मदद को दौड़े लोग खेत में धान पीट रही राजरानी का कहना है कि हादसे में उसका पति राजकरन व तीन बच्चे झुलसे हैं। थोड़ी देर तक माजरा समझ में नहीं आया।
ऐसा लगा कि किसी ने साजिश के चलते जहरीली गैस के गुब्बारे छोड़े हैं। चीखपुकार पर पूर्व प्रधान सिराज अहमद, गांव के ही अतुल सिंह व अन्य लोग मदद के लिए दौड़े। उन्होंने पुलिस व एंबुलेंस सेवा को फोन किया।