हैदरगढ़ (बाराबंकी)। क्षेत्र में बिना पंजीकृत पैथॉलाजी से फर्जी जांच रिपोर्ट के सहारे झोलाछाप मरीजों का शोषण कर रहे हैं। शनिवार को बीमार महिला जांच रिपोर्ट लेकर सीएचसी पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। सीएचसी अधीक्षक ने सैंपल लेने वाले के खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही है। पीड़िता ने मामले की शिकायत सीएमओ से करने की बात कही है।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते हैदरगढ़ क्षेत्र में बिना पंजीकरण पैथालॉजी व झोलाछाप की दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। यहां पर झोलाछाप मरीजों को बिना ऑपरेशन गारंटी के साथ इलाज, ब्लॅड की सारी जांचें कर दूसरे दिन फर्जी रिपोर्ट तैयार कर मरीजों को ठगने के साथ ही उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लोनीकटरा क्षेत्र के देवीपुर गांव निवासी रामा पांडेय पत्नी श्रवन पांडेय बीमार होने पर शिवनाम चौराहा स्थित निजी क्लीनिक पर इलाज के लिए गई थी। यहां अवधेश वर्मा ने ब्लॅड जांच के लिए नमूना लिया और अगले दिन लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर के लेटर पैड पर जांच नार्मल होने की रिपोर्ट सौंप दी। हालत में सुधार न होने पर वह शनिवार को सीएचसी हैदरगढ़ पहुंची तो वहां चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट देखी तो संदेह होने पर उसकी जांच की। जिसमें पैथालॉजी के पैड पर भी डॉक्टर की शैक्षिक डिग्री का कोई विवरण नहीं मिला और न उस डायग्नोस्टिक सेंटर का कहीं कोई पंजीकरण था। मामला फर्जी पाए जाने पर पीड़िता ने चिकित्सक पर ब्लड सैंपल लेकर फर्जी जांच रिपोर्ट देकर शोषण करने की शिकायत सीएचसी अधीक्षक से की है। इलाज करने वाले अवधेश वर्मा का कहना है कि वह एमपी के भोपाल से बीयूएमएस की पढ़ाई करता है। क्लीनिक में मरीजों के इलाज के लिए एमपी के डॉ. राजेश दूबे सप्ताह में एक दिन आते हैं। महिला के कहने पर हैदरगढ़ स्थित पंजीकृत डायग्नोस्टिक सेंटर से ब्लॅड की जांच कराई गई थी।
शिवनाम गांव में इलाज कर रहे डॉक्टर की जांच के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी। कस्बा हैदरगढ़ के जिस डायग्नोस्टिक सेंटर से जांच रिपोर्ट तैयार की गई है, उसका पंजीकरण नहीं है। मामले में कार्रवाई के लिए सीएमओ से निर्देश मांगे गए हैं।
- धर्मेंद्र राय, अधीक्षक सीएचसी हैदरगढ़