सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षा में परीक्षकों की नियुक्ति में अजब-गजब मामले प्रकाश में आ रहे हैं। एक कॉलेज में जिस परीक्षक की नियुक्ति प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए हुई है, उसकी साल भर पहले ही मृत्यु हो चुकी है। वहीं, फिजिक्स की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए गणित विषय के प्रवक्ता नियुक्त कर दिए गए हैं।
जिले के इंटर कॉलेजों में 15 दिसंबर से यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हुई हैं। कादीपुर विकासखंड क्षेत्र के श्रीमती रजवंती इसराजी देवी बालिका इंटर कॉलेज खंडौरा में भूगोल विषय के परीक्षक के रूप में जीओबीटी गर्ल्स इंटर कॉलेज आजमगढ़ की डॉ. गीता यादव की नियुक्ति हुई है।
इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य भारती ने जब नियुक्त परीक्षक के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो पता चला कि उनकी एक वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। मामले की सूचना प्रधानाचार्य ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को दी है।
इसी विकासखंड क्षेत्र के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज झारखंड में फिजिक्स के प्रैक्टिकल के लिए मुबारकपुर इंटर कॉलेज आजमगढ़ के घनश्याम यादव एवं एसएमवी इंटर कॉलेज आदिलपुर आजमगढ़ के सत्य प्रकाश मिश्र की नियुक्ति हुई है।
दोनों भौतिक विज्ञान विषय के प्रवक्ता नहीं है। श्रीमती सुंदरा देवी बलदेव सिंह इंटर कॉलेज हलियापुर में भी भौतिक विज्ञान विषय की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए एसएसजेआईसी पुष्प नगर आजमगढ़ के सतीशचंद्र श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई है।
उक्त प्रवक्ता गणित विषय के हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रयोगात्मक परीक्षकों की गलत नियुक्ति को लेकर नित नए शिकायती पत्र पहुंच रहे हैं।
डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षकों की नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों को लेकर बोर्ड कार्यालय को पत्र लिखा गया है। विषय अध्यापक ही प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए अधिकृत होंगे। किसी भी दशा में प्रधानाचार्य दूसरे विषय के प्रवक्ता से प्रयोगात्मक परीक्षा न कराएं।