रायबरेली। रबी और खरीफ सीजन में किसानों को भरपूर पानी देने के लिए सिंचाई विभाग ने नहरों की सिल्ट सफाई की कवायद शुरू कर दी है। डीएम से अनुमोदन मिलने के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर बार की तरह इस बार भी माइनरों की हेड से टेल तक, जबकि रजबहों में जरूरत के हिसाब से सफाई कराई जाएगी। नवंबर में सफाई का काम पूरा होना है। दिसंबर में नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
जिले में सिंचाई विभाग के आठ खंडों की नहरों का जाल फैला है। इन नहरों की लंबाई करीब 2300 किलोमीटर है। नहरों से करीब तीन लाख किसान सिंचाई करते हैं। पिछले कई सालों से साल भर में केवल एक बार ही सफाई कराई जाती है। सफाई में खानापूर्ति की वजह से नहरों में जमा सिल्ट और झाड़ियों की वजह से किसानों को सिंचाई की सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे में उन्हें निजी नलकूपों के सहारे सिंचाई करनी पड़ती है। इस बार 2100 किमी नहरों की सफाई का खाका तैयार किया गया है। इस कार्य में आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
किस खंड की कितने किमी साफ होंगी नहरें
खंड का नाम
लंबाई (किमी)
सिंचाई खंड दक्षिण 1153
सिंचाई खंड 45
248
शारदा सहायक उन्नाव खंड
304
शारदा नहर लखनऊ खंड
141
शारदा सहायक खंड 28
68
शारदा सहायक नहर खंड 41 36
सिंचाई खंड प्रतापगढ़
75
सिंचाई खंड उन्नाव
36
जल्द शुरू किया जाएगा काम
इस बार करीब 2100 से ज्यादा किमी लंबाई तक नहरों की सफाई कराई जाएगी। डीएम से अनुमोदन मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
-रामविलाश यादव, सिंचाई खंड दक्षिण