रायबरेली। करीब एक पखवारा पहले पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के पैर छूने के मामले में रविवार को डीह थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह को हटा दिया गया। उन्हें अब अपराध शाखा में तैनाती दी गई है। पूर्व सांसद बीती 25 अक्तूबर को पूर्व विधायक स्व. गजाधर सिंह की तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इसी दौरान थाना प्रभारी ने उनके पैर छुए थे।
एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने प्रकरण की जांच सीओ सलोन को सौंपी थी। जांच के दौरान थाना प्रभारी ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन 15 दिन बाद उन्हें डीह थाने से हटना पड़ा। चर्चा है कि जांच के दौरान थाना प्रभारी यही राग अलापते रहे कि उन्होंने पैर नहीं छुआ है। उनका पेन जमीन पर गिर गया था। वह पेन उठा रहे थे।
नसीराबाद थाना प्रभारी शिवाकांत पांडेय पर प्रधान पति को थूक चटवाने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। थाना प्रभारी पर कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय ग्राम प्रधान लामबंद थे। एसपी ने प्रकरण की जांच एएसपी संजीव कुमार सिन्हा को सौंपी थी। जल्द कार्रवाई न होने पर प्रधानों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। प्रधान उग्र न हो, इससे पहले एसपी ने शिवाकांत पांडेय को नसीराबाद से हटाकर डीह थाना प्रभारी नियुक्त कर दिया।
कहा जा रहा है कि पहले तो थाना प्रभारी पर कार्रवाई को लेकर निर्णय हो रहा था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की सिफारिश के चलते उनका सिर्फ तबादला किया गया। नसीराबाद से पहले शिवाकांत पांडेय को भदोखर थाना प्रभारी बनाया गया था। भदोखर थाने में भी तैनाती के दौरान वह अपने कार्यों को लेकर विवादित रहे। अतिरिक्त निरीक्षक महराजगंज कमलेश कुमार को नसीराबाद का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। ड्यूटी प्रभारी लॉकप इंद्रपाल सिंह सेंगर को अपराध शाखा भेजा गया।
इस तरह की भी हो रही चर्चा
नए एसपी के ज्वाइन करने के बाद भी थानों पर तैनाती का सिस्टम नहीं बदला है। मौजूदा समय की बात करें तो ज्यादातर थानों पर पुराने चेहरे ही तैनात हैं। जिले की बागडोर चाहे जिसके पास रहे, लेकिन पुराने थाना प्रभारी अक्सर जुगाड़ भिड़ा ही लेते हैं। यही वजह है कि जिले में नए चेहरों को थानों पर मौका नहीं मिल रहा है। तत्कालीन एसपी डॉ. अभिषेक अग्रवाल की तैनाती के दौरान भी जिले में नए चेहरों को मौका नहीं मिल पा रहा था। जिले का निजाम बदलने के बाद भी नए दरोगा व निरीक्षकों को चार्ज न मिलने पर सवाल उठ रहे हैं।