21 नवंबर को सूबे में वादों की बारात आ रही है। जी हां, भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों ही बड़ी पार्टियों ने इस दिन के लिए अपनी-अपनी लिस्ट तैयार कर ली है।
21 नवंबर को उत्तर प्रदेश में बसपा के अलावा शेष सारे दलों के कार्यक्रम आयोजित हैं।
नरेंद्र मोदी 21 नवंबर को आगरा में रैली करेंगे तो मुलायम सिंह यादव इसी दिन बरेली में सभा करेंगे।
खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता इसी दिन लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे। राष्ट्रीय लोकदल ने भी गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर ‘घेरा डालो -डेरा डालो’ कार्यक्रम की घोषणा की है।
पढ़िए: जल्द पता चलेगा मोदी-मुलायम में कौन भारी
इसी दिन विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल भी अयोध्या पहुंच रहे हैं। वह अयोध्या में संत-धर्माचार्यों से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि उनकी अयोध्या यात्रा भी चुनाव के मद्देनजर है।
सपा, भाजपा व कांग्रेस जुटे
सपा की बरेली रैली को मुलायम व अखिलेश संबोधित करेंगे। आगरा की रैली को मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह संबोधित करेंगे। जाहिर है, दोनों दलों की रैलियों में एक-दूसरे पर हमले बोले जाएंगे। दोनों ही दलों ने इन रैलियों को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है।
यह भी पढ़ें: फेसबुक पर पहुंची अखिलेश-मोदी की लड़ाई
भीड़ जुटाने के लिए दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने गांव-गांव दौरा शुरू कर दिया है। दोनों तरफ से जोर इस बात पर है कि उनकी पार्टी में दूसरे से ज्यादा भीड़ जुटे।
उधर, उप्र में खाद्य-सुरक्षा कानून लागू कराने के लिए लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास घेरने के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कांग्रेस नेता भी पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री खुद जिलों का दौरा कर रहे हैं। आंदोलन की तैयारी की समीक्षा करने के लिए कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री भी सोमवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं।
रालोद भी तैयारी में
डेरा-डालो-घेरा डालो कार्यक्रम की सफलता के लिए राष्ट्रीय लोकदल भी तैयारी में जुटा है। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। रालोद ने चेतावनी दी है कि यदि गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की सरकार ने कोई ठोस घोषणा नहीं की तो हमारे कार्यकर्ता बेमियादी धरने पर बैठ जाएंगे।