लखनऊ। दिल्ली में एक निजी हॉस्टल की इमारत ढहने के बाद नगर निगम शहर में चिह्नित 208 जर्जर इमारतों को दोबारा नोटिस जारी करेगा। इसमें भवनस्वामियों को जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराने या उन्हें गिराने का निर्देश होगा। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई होगी।
शहर के पुराने और भीड़-भाड़ वाले बाजार जैसे अमीनाबाद, मौलवीगंज, यहियागंज, हजरतगंज और चौक में कई जर्जर इमारतें हादसे का कारण बन सकती हैं। इन बाजारों में दिन-रात हजारों की भीड़ रहती है। कई इमारतें ढहने की कगार पर हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि जर्जर इमारतों का सर्वे पहले ही हो चुका है। जोनल अभियंताओं ने भवनस्वामियों को मरम्मत और जर्जर हिस्से गिराने के नोटिस जारी किए थे। ज्यादातर इमारतों में किरायेदारी को लेकर कानूनी विवाद चल रहे हैं। इन विवादों के कारण मरम्मत का काम नहीं हो पाता है। नगर निगम विशेष परिस्थितियों में सड़क की ओर वाले जर्जर हिस्से को गिरा सकता है। ऐसा नागरिकों के जानमाल के नुकसान के खतरे को टालने के लिए किया जाएगा। अब इन सभी इमारतों के लिए दोबारा नोटिस जारी किए जाएंगे।
लखनऊ में जर्जर इमारत।
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