रायबरेली। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में किशोरी की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से असंतुष्ट परिवारीजनों ने रविवार को जमकर हंगामा किया।
नाराज परिवारीजन व ग्रामीण शव लेकर सड़क जाम करने पहुंच गए। उधर, सूचना पाकर सीओ, प्रभारी निरीक्षक फोर्स समेत मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कई बार तीखी झड़प भी हुई। काफी मान-मनौव्वल के बाद दोपहर करीब 3.30 बजे शव को दफनाया जा सका।
शुक्रवार शाम लालगंज क्षेत्र के एक खेत में किशोरी का शव पड़ा मिला था। पत्थर से उसके चेहरे को बुरी तरह कूंचा गया था। परिवारीजन किशोरी के साथ दुष्कर्म करने और हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे थे।
बालिका के नाना ने अज्ञात के विरुद्ध दुष्कर्म करने व हत्या करने की तहरीर पुलिस को दी थी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शनिवार शाम शव परिवारीजनों को सौंप दिया था।
रविवार दोपहर परिवारीजन शव दफनाने कब्रिस्तान पहुंचे तो पता चला कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इस पर परिवारीजन भड़क गए।
घरवालों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही शव लेकर लालगंज की ओर चल दिए। खबर पाकर सीओ आरपी शाही, प्रभारी निरीक्षक मुकेश चौहान भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को रोकने की कोशिश करने लगे।
इस दौरान सीओ, प्रभारी निरीक्षक से लोगों की तीखी झड़पें भी हुईं। नाराज लोग डलमऊ से लालगंज की ओर आ रहे एक लोडर में शव रखकर जबरन लालगंज लाने लगे।
लेकिन सीओ और कोतवाल ने दतौली गांव के पास लोडर को रोक लिया। सूचना पर एएसपी शशि शेखर सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों की मांग पर एएसपी ने एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति मंगाई और ग्रामीणों को दिखाया। जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हो सका और ग्रामीण शव को गांव स्थित कब्रिस्तान ले गए। इसके बाद भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शव को दफना दिया गया।