मेट्रो में नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए खुशखबरी है। लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी एलएमआरसी एक-दो माह में करीब 2000 नौकरियों का पिटारा खोलने वाला है। इसको लेकर एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन ने सभी निदेशकों को अपने-अपने प्रस्ताव बनाने के लिए कहा है।
प्रस्ताव आते ही एलएमआरसी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देगा। श्रीधरन ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये नौकरियां आउटसोर्सिंग और सीधी भर्ती- दोनों तरीके से दी जाएंगी।
मेट्रो का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए परियोजना का ट्रायल शुरू होने से पहले ही अधिकारी से लेकर फोर्थ क्लास कर्मचारी तक भर्ती किए जाएंगे। इसमें सबसे पहले लंबी ट्रेनिंग का दौर चलना है।
नई भर्तियों के संबंध में एलएमआरसी एक से डेढ़ माह में प्रक्रिया शुरू कर देगा। इसको लेकर निदेशकों की कमेटी ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। बोर्ड से अनुमोदन लेकर ये भर्तियां की जाएंगी।
एलएमआरसी में अब तक जो भर्तियां हुई हैं, वह बहुत कम हैं। एमडी के अतिरिक्त निदेशकों के अलावा 100 से भी कम अभियंता भर्ती किए गए हैं। कुछ सीधी भर्ती से रेलवे और अन्य विभागों से लिए हैं।
जबकि 78 जेई और एई की भर्ती एलएमआरसी ने लिखित परीक्षा के जरिये की थी। अब जबकि मेट्रो का ट्रायल रन शुरू करने में लगभग एक साल ही बचा है, ऐसे में नई भर्ती करने का समय शुरू हो चुका है।
पहले आठ किमी. के लिए पहले भर्ती
सबसे पहले प्राथमिक सेक्शन के लिए ही भर्ती की जाएगी। इसमें ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच आठ स्टेशन हैं। यहां इलेक्ट्रो मैकेनिकल, आईटी प्रोफेशनल्स, कंप्यूटर ऑपरेटर, सिग्नलिंग, टिकटिंग, ट्रेन ऑपरेशन, स्टेशन मैनेजर, फेयर कलेक्शन जैसे कामों को लेकर मेट्रो कांट्रेक्ट पर भर्ती करेगा।
इसके अलावा हाउस कीपिंग, जिसमें सफाई, मेंटेनेंस और अन्य काम आएंगे, उनको लेकर आउटसोर्सिंग करेगा। फिलहाल दोनों ही तरीके से मेट्रो रेल परियोजना का हिस्सा बनने का मौका नौकरी के इच्छुक लोगों को मिलेगा।
मेट्रो स्टेशनों की भीतरी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को दी जाएगी। इसको लेकर खर्च केंद्र या राज्य कौन करेगा, ये बाद में तय होगा। सुरक्षा को लेकर जरूरी उपकरण और जवानों के रुकने के लिए स्थान वगैरह एलएमआरसी ही उपलब्ध करवाएगा।