प्रदेश के सभी रजिस्ट्री दफ्तरों में ई-स्टापिंग व डिजिटल भुगतान की व्यवस्था लागू करने के बाद विभाग द्वारा अब 20 वर्ष के लेखपत्रों (रजिस्ट्री दस्तावेज) का डिजिटलीकरण करने की कार्यवाही शुरू करने जा रहा है। प्रथम चरण में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले तीन जिलों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी, जिनमें बाराबंकी, श्रावस्ती और अंबेडकर नगर का चयन किया गया है।
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष एक प्रजेेंटेशन दिखाया। जिसमें बताया गया कि ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस के अन्तर्गत बिजिनेस रिफार्म प्लान के तहत रजिस्ट्री दफ्तरों के पुराने लेखपत्रों का डिजिटलीकरण कराने का फैसला किया गया है। प्रजेंटेशन के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर चयनित तीनों जिलों में स्थित कुल 14 उपनिबंधन दफ्तरों में रखे हुए 20 वर्ष के लेखपत्रों की स्कैनिंग, इंडेक्सिंग और डिजिटाइजेशन का कार्य कराया जाएगा।