छात्रवृत्ति घोटाले के केस की विवेचना कर रही एसआईटी ने 20 और कॉलेजों को जांच में शामिल किया है। ईडी की जांच में भी इन कॉलेजों की भूमिका सामने आई थी। अब एसआईटी इनकी कुंडली खंगाल रही है। संबंधित विभागों से ब्योरा मांगा है। जांच का दायरा बढ़ने से घोटाले की राशि और आरोपियों की संख्या भी बढ़नी तय है।
ईडी ने करीब दो सौ करोड़ के इस घोटाले का खुलासा कर हाइजिया ग्रुप के तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हजरतगंज पुलिस ने भी इसी मामले में 30 मार्च को एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में दस संस्थान व फिनो बैंक के अफसर व एजेंट समेत 18 नामजद आरोपी बनाए गए थे। केस की विवेचना एसआईटी कर रही है।
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दूसरी तरफ ईडी भी अपने स्तर से मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच कर रही है। कुछ दिन पहले ही ईडी की जांच में सामने आया था कि घोटाले में इन दस संस्थानों के अलावा करीब 20 हजार ऐसे संस्थान भी हैं, जहां छात्रवृत्ति की रकम हड़पी गई। एसआईटी ने अपनी जांच में इस तथ्य को शामिल किया है। अब इन संस्थानों पर शिकंजा कसना तय है। समाज कल्याण विभाग व बैंकों से इन संस्थानों में वर्ष 2015 से 2022 के बीच आई छात्रवृत्ति का ब्योरा व अन्य दस्तावेज मांगा है।
बैंक अफसरों व एजेंट को गवाह बनाने की तैयारी
एफआईआर में फिनो पेमेंट बैंक के अधिकारी व एजेंट नामजद आरोपी हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच में अब तक इनके खिलाफ साजिश में शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। बैंक प्रशासन ने कई अहम सुबूत भी उपलब्ध कराए हैं। इसी आधार पर इनको केस में गवाह बनाने की तैयारी है।
जल्द हो सकती हैं गिरफ्तारी
प्रकरण में ईडी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य के खिलाफ सुबूत जुटा रही है। एसआईटी भी इन आरोपियों से पूछताछ कर काफी साक्ष्य जुटाए हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी जल्द ही इनकी गिरफ्तारी भी करेगी।