रायबरेली। खाकी के भी खेल निराले हैं। ताजा मामला खुदकुशी के लिए मजबूर करने के एक केस का है। जिसमें सीओ महराजगंज ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। पर्यवेक्षण अधिकारी एएसपी शशिशेखर सिंह सीओ की जांच से संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने इसकी विवेचना सीओ डलमऊ को दे दी। सीओ डलमऊ ने विवेचना शुरू की तो न सिर्फ मामला सही पाया गया, बल्कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य भी मिल गए। अब सीओ डलमऊ ने मामले में लगाई गई फाइनल रिपोर्ट निरस्त करने के लिए एसपी को पत्र लिखा है। इस मामले से जाहिर है कि महकमे में सेटिंग-गेटिंग का खेल किस तरह चल रहा है।
गौरतलब है कि हरचंदपुर थाना क्षेत्र के जोहवाशर्की गांव निवासी श्रीकृष्ण रैदास की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मामले में 23 अगस्त 2017 को थाना हरचंदपुर में धारा 306 आईपीसी व एससी/एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें तत्कालीन सीओ महाराजगंज गोपीनाथ सोनी ने विवेचना के बाद आठ सितंबर 2017 को अंतिम रिपोर्ट प्रेषित की थी। इस पर पर्यवेक्षण अधिकारी एडिशनल एसपी ने पांच अक्टूबर 2017 को प्रकरण में अग्रेतर विवेचना करने का आदेश दिया था। बाद में मामले की विवेचना सीओ डलमऊ को स्थानांतरित कर दी गई। अग्रेतर विवेचना में वादी ऋषि कुमार व अन्य लोगों के बयान के आधार पर आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक सीओ डलमऊ ने एसपी को पत्र लिखकर फाइनल रिपोर्ट निरस्त करने का अनुरोध किया है, ताकि मामले में अग्रेतर कार्रवाई की जा सके।
सीओ डलमऊ विनीत सिंह ने बताया कि, जोहवाशर्की निवासी श्रीकृष्ण की मौत के मामले की विवेचना की जा रही है। वादी एवं अन्य लोगों के बयान से आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। एसपी को पत्र लिखकर सीओ महराजगंज द्वारा लगाई गई फाइनल रिपोर्ट निरस्त करने का अनुरोेध किया है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाएगा।
फाइनल रिपोर्ट निरस्त कराई जाएगी : एएसपी
एएसपी शशिशेखर सिंह ने बताया कि , आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले की विवेचना सीओ महराजगंज ने करके फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। विवेचना में संतुष्ट नहीं होने पर इसकी विवेचना सीओ डलमऊ को सौंपी गई थी। सीओ डलमऊ की ओर से विवेचना की जा रही है। सीओ महराजगंज द्वारा भेजी गई फाइनल रिपोर्ट निरस्त कराई जाएगी।