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मंत्रिपरिषद बैठक: बंद कताई मिलों पर लगेंगे नए उद्योग; हार्ड कॉपी की जगह लेंगे ई-स्टांप, कई अहम फैसलों पर मुहर

Mon, 10 Mar 2025 11:17 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

योगी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसमें आगरा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रथम और द्वितीय कॉरिडोर के लिए गृह और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की भूमि आवास एवं शहरी विकास विभाग को हस्तांतरित हुई। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन योजना का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाया गया। प्रदेश के 17 स्मार्ट सिटी के लिए मंत्रिपरिषद ने मुहर लगाई। आगे पढ़िए और जानें अहम फैसले...
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कैबिनेट बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य। (फाइल) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में सोमवार को सूबे की योगी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक की गई। बैठक लोकभवन में आयोजित की गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई है। इन प्रस्तावों में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, शहरी विकास और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं। 

बंद पड़ी कताई मिलों पर स्थापित होंगे नए उद्योग

योगी मंत्रिपरिषद की बैठक में बंद पड़ी कताई मिलों पर नए उद्योग लगाने को मंजूरी मिली। टैक्सफेड ग्रुप के अंतर्गत उप्र सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड कानपुर की बंद पड़ी कताई मिलों की 451.20 एकड़ भूमि के औद्योगिक प्रयोग के लिए यूपीसीडा को नि:शुल्क हस्तांतरित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है।

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उप्र सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड कानपुर की बंद पड़ी इकाइयों में महमूदाबाद (सीतापुर) में 71.02 एकड़, फतेहपुर में 55.31 एकड़, मऊआइमा (प्रयागराज) में 85.24 एकड़, बहादुरगंज (गाजीपुर) में 78.92 एकड़, कम्पिल (फर्रुखाबाद) में 82.15 एकड़ और बुलंदशहर में 78.56 एकड़ भूमि यूपीसीडा को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इन भूमियों पर नई औद्योगिक इकाईयों की स्थापना की जाएगी। 

डिफेंस कॉरिडोर में डीटीआईएस की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरित

मंत्रिपरिषद की बैठक में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड के अंतर्गत डीटीआईएस की स्थापना के लिए एसपीवी को 0.8 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क हस्तांतरित करने को लेकर स्वीकृति प्रदान की गई है। डीटीआईएस फैसिलिटी का विकास एक कॉमन टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर के रूप में किया जाएगा। इसमें लखनऊ नोट के अंतर्गत स्थापित रक्षा इकाईयों द्वारा अपने उत्पादों का परीक्षण एवं सर्टिफिकेशन के लिए किया जाएगा। 
 

स्टांप पेपर को लेकर मंत्रिपरिषद का बड़ा फैसला

मंत्रि परिषद की बैठक में स्टांप पेपर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब 10 हजार से लेकर 25 हजार मूल्य तक के हार्ड कॉपी के स्टांप पेपर चलन से बाहर कर दिए जाएंगे। इनकी जगह ई-स्टांप का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए 5,630 करोड़ रुपये से अधिक के स्टांप को बीड आउट किया जाएगा। पुराने स्टांप 31 मार्च 2025 तक ही मान्य होंगे। स्टांप प्रणाली में पारदर्शिता और गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
 

आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरित

आगरा मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम कॉरिडोर के लिए 8684.68 वर्ग मीटर भूमि को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित किया गया है। यह जमीन उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की थी। वहीं, द्वितीय कॉरिडोर के लिए गृह विभाग की 20,753 वर्ग मीटर भूमि को भी आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित किया गया है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग 90 वर्ष की लीज पर और 30-30 वर्ष के नवीनीकरण के प्राविधानों के सहित एक रुपये प्रतीक मूल्य पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को भूमि हस्तांतरित करेगा। इसे लेकर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिल गई है। 
 
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राज्य स्मार्ट सिटी मिशन योजना को दो साल का विस्तार

मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य स्मार्ट सिटी योजना को दो साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यह योजना प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों के लिए लागू होगी। पहले यह योजना पांच साल के लिए थी। अब इसे राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विस्तार दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 2019-20 में प्रदेश में 10 स्मार्ट सिटी का चयन किया था। जबकि, प्रदेश सरकार ने सात शहर, गाजियाबाद, मेरठ, फिरोजाबाद, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, शाहजहांपुर और गोरखपुर को भी शामिल किया था। इस विस्तार से शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
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