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पीजी करने के बाद ‘लापता’ हैं 183 सरकारी डॉक्टर, तीन दिन के अंदर योगदान के निर्देश

Mon, 21 Sep 2020 10:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो अमित यादव, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के 183 डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद ‘लापता’ हो गए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इन डॉक्टरों को तीन दिन के अंदर योगदान देने का आदेश जारी किया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  

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शासन ने पीजी करने के बाद लौटे 183 डॉक्टरों को विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनाती के लिए 1 सितंबर को आदेश जारी किया था। इसके बाद महानिदेशालय ने 8 सितंबर को सभी चिकित्सकों को तीन दिन के अंदर योगदान देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकतर डॉक्टर अपने तैनाती स्थल पर पंहुचे ही नहीं।

महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी ने एक बार फिर इन्हें तीन दिन के अंदर योगदान देने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों के सीएमओ, अस्पतालों के प्रमुख अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को पत्र लिखकर योगदान देने वाले चिकित्सकों के बारे में जानकारी मांगी गई है।

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लेवल टू कोविड अस्पतालों में दी गई है तैनाती 

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
183 डॉक्टरों में लगभग 50 ऐसे हैं जिन्होंने एमडी मेडिसिन, एनेस्थीसिया, चेस्ट रोग, रेडियो डायग्नोसिस में विशेषज्ञता हासिल की है। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इनकी जरूरत को देखते हुए लेवल टू कोविड अस्पतालों में इनकी तैनाती की है, लेकिन वहां भी अधिकतर डॉक्टर नहीं पहुंचे हैं। इसी तरह फर्स्ट रेफरल यूनिट में भी डॉक्टरों ने योगदान नहीं दिया है। 

एक करोड़ का बॉन्ड भरकर जाते हैं पीजी करने 
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के एमबीबीएस डॉक्टर एक करोड़ रुपये का बॉन्ड भरकर पीजी करने जाते हैं। यदि वे वापस ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें एक करोड़ रुपये सरकार को देना होगा। इसके बावजूद डॉक्टर लापता हो गए हैं। एक चिकित्सक बताते हैं कि शासन के अधिकारियों और निदेशालय, दोनों ही जगह मनमानी हो रही है। कोई भी ध्यान नहीं रखता है कि पीजी में प्रवेश लेने के बाद उनका डॉक्टर है कहां। जो सूची शासन ने जारी की है, उनमें से कई डॉक्टर पीजी पाठ्यक्रम छोड़कर सेवा में लौट चुके हैं। नई तैनाती में उनका नाम भी विशेषज्ञ मानकर दे दिया गया है। 

पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले सरकारी डॉक्टरों को जरूरत के अनुसार तैनाती दी गई है, लेकिन अधिकतर अपने तैनाती स्थल पर पहुंचे नहीं हैं। सभी को नोटिस देकर चेतावनी दी गई है। जो भी निर्धारित समय सीमा में योगदान नहीं देगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  - डॉ. डीएस नेगी, महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य 
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