खैरीघाट (बहराइच)। सरयू के कछार में स्थित मास्टरपुरवा गांव में खसरा फैल गया है। खसरे से पीड़ित एक मासूम की सोमवार देर रात इलाज के अभाव में मौत हो गई। गांव में 23 बच्चे बीमार हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सीएचसी व जिला मुख्यालय पर दी लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। मासूम जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।
विकासखंड शिवपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मांझा दरिया बुर्द के मजरा मास्टरपुरवा में दो दिन से खसरे का प्रकोप है। बच्चों को तेज बुखार आता है। इसके बाद उनके शरीर पर लाल दाने पड़ जाते हैं। 24 घंटे में ही दाने पक कर फोड़े बन जाते हैं। इससे बच्चों की हालत बिगड़ती जा रही है।
खसरे से पीड़ित गांव निवासी संदीप (8) पुत्र बड़ेलाल की रात में तबियत बिगड़ गई। जब तक परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी करते, तब तक उसने दम तोड़ दिया।
गांव निवासी उमेश कुमार (8), बैठाना देवी (16), रंजीत (10), नीरज (9), मायाराम (5), प्रियंका (3), रामू (7), सुरेश (9), गज्जू (2), शरद (6), शिवम (2), शिवा (5) समेत 23 बच्चे खसरे की चपेट में हैं।
राममूरत और सोहनलाल ने बताया कि खसरा फैलने की सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर व जिला मुख्यालय को दी गई है। लेकिन दो दिन बीत रहे हैं, अब तक डॉक्टर गांव नहीं आए।
ऐसे में प्रकोप तेजी से फैल रहा है। जिन परिवारों के बच्चे स्वस्थ थे, वे भी खसरे की चपेट में आ रहे हैं।
गांव पहुंचे सिर्फ स्वास्थ्य पर्यवेक्षक
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार फोन करने के बाद सीएचसी के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक मुन्नीलाल रस्तोगी गांव आए थे। खसरा पीड़ित कुछ बच्चों को सीएचसी ले गए, लेकिन समुचित इलाज नहीं मिल सका।
मास्टरपुरवा गांव में खसरा फैलने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। चिकित्सकों की टीम गांव भेज रहे हैं। शीघ्र ही चिकित्सक गांव में कैंप कर रोगियों का इलाज करेंगे। अन्य बच्चों का भी परीक्षण किया जाएगा। चिकित्सकों की जांच के बाद ही दम तोड़ने वाले बच्चे की मौत के कारणों का पता लग सकेगा।
-डॉ अरुण पांडेय, सीएमओ